पालघर (बोईसर): पालघर जिले के बोईसर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध स्टील निर्माण कंपनी विराज प्रोफाइल्स लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप जाधव (57) की आत्महत्या का मामला अब गंभीर मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। प्रारंभ में इसे सामान्य आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन अब मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस में दर्ज शिकायत के बाद यह प्रकरण चर्चा का विषय बन गया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, प्रदीप जाधव कंपनी में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। 19 जून की शाम उन्होंने अपने निवास पर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट बरामद होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, इस नोट में कार्यस्थल पर लगातार मानसिक तनाव का उल्लेख किया गया है। हालांकि, सुसाइड नोट की सामग्री की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
परिजनों के गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने कंपनी के सीईओ जे. पी. गर्ग, कंपनी के मालिक नीरज कोचर तथा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि प्रदीप जाधव पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था और कुछ मामलों में उन पर अनुचित आरोप लगाए गए थे। परिजनों की शिकायत के आधार पर बोईसर पुलिस ने जे. पी. गर्ग के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले के हर पहलू की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। सभी संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी और दस्तावेजों, सुसाइड नोट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जाएंगी। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कंपनी प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य: एक गंभीर चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, कार्यस्थल पर लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। लंबे समय तक तनाव में रहने से अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, अवसाद और चिंता जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह स्थिति व्यक्ति के पाचन तंत्र, प्रतिरक्षा प्रणाली और समग्र शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है।
यदि आप या आपका कोई परिचित कार्यस्थल पर मानसिक दबाव का सामना कर रहा है, तो तुरंत मदद लें। परिवार के सदस्यों, मित्रों या पेशेवर मनोवैज्ञानिक से बात करना महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सहायता रेखा: 08046110007 पर संपर्क किया जा सकता है।
तृप्ति प्रमाण इस मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए है। पुलिस जांच की रिपोर्ट सामने आते ही हम आपको सूचित करेंगे।
संवाददाता: पराग महेंद्र यादव