वसई-विरार: लगातार हो रही भारी बारिश के चलते वसई-विरार शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। हालात का जायजा लेने और नागरिकों को जल्द राहत पहुंचाने के उद्देश्य से 8 जुलाई 2026 को वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) के महापौर और आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख नालों और जलमग्न क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए।
राहत कार्यों और जलनिकासी पर जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन इलाकों में अब भी पानी जमा है, वहां हाई-कैपेसिटी वाले जलनिकासी पंपों को पूरी क्षमता से चालू रखा जाए। प्रशासन ने बताया कि कई क्षेत्रों में पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके अलावा, बारिश के बाद पनपने वाली संक्रामक बीमारियों और मच्छरों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। शहर भर में सफाई अभियान तेज करने, कीटनाशकों का छिड़काव करने और फॉगिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक और आपदा प्रबंधन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक राजन नाईक और विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने भी महानगरपालिका मुख्यालय स्थित आपदा प्रबंधन केंद्र का दौरा कर हालात की समीक्षा की। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक अहम बैठक हुई। इसमें राहत एवं पुनर्वास विभाग, कोंकण विभाग, पालघर जिला प्रशासन और वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया और राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की।
परिवहन सेवाएं और रेस्क्यू ऑपरेशन
नागरिकों की सहूलियत के लिए बुधवार दोपहर को वसई और विरार के अलग-अलग रूटों पर 29 बसें चलाई गईं। परिवहन विभाग ने आश्वासन दिया है कि 9 जुलाई से शहर की बस सेवाएं अपनी पूरी क्षमता के साथ फिर से शुरू हो जाएंगी।
बुधवार को शहर में करीब 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 27 जगहों पर पेड़ गिरने की शिकायतें मिलीं, जिनमें से अधिकांश पर त्वरित कार्रवाई कर मलबा हटा लिया गया है। वहीं, रेस्क्यू टीमों ने 6 लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
राहत शिविर और भोजन व्यवस्था
जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित परिवारों के लिए महानगरपालिका ने अस्थायी राहत शिविर बनाए हैं। अब तक 377 नागरिकों को इन सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया जा चुका है।
राहत कार्यों के तहत बुधवार को महानगरपालिका की ओर से 4,350 और श्री जीवदानी देवी संस्थान (विरार) की तरफ से 18,000 भोजन पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए। महापौर और आयुक्त ने संस्थान के प्रसादालय का दौरा कर इस बेहतरीन भोजन व्यवस्था का निरीक्षण भी किया।
इमरजेंसी के लिए हेल्पलाइन नंबर्स
प्रशासनिक अधिकारी, अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें ग्राउंड जीरो पर लगातार काम कर रही हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिक महानगरपालिका के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर्स पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं:
- टोल-फ्री नंबर: 18002673898, 18002334353
- संपर्क नंबर: 7058911125