जौनपुर:
ब्यूरो चीफ: दिलीप कुमार (तृप्ति प्रमाण)
जौनपुर के जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वच्छता समिति की उच्च स्तरीय बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को बेहद सख्त निर्देश जारी किए। इस महत्वपूर्ण बैठक में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों की वर्तमान स्थिति, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम), प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) की प्रगति का बिंदुवार गहन परीक्षण किया गया।
डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए बनेगा रोस्टर
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किए गए लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में एक निर्धारित रोस्टर तैयार किया जाए। इसी रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से डोर-टू-डोर (घर-घर) कूड़ा संग्रहण का कार्य कराया जाए। उन्होंने प्रत्येक रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) के प्रभावी संचालन को अनिवार्य बताते हुए कहा कि ठोस कचरे का वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस अभियान को मात्र सरकारी कार्य न समझें, बल्कि जनभागीदारी बढ़ाकर हर गांव में एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण विकसित करें।
ओडीएफ स्थिति बनाए रखने के लिए सुबह-शाम होगी निगरानी
जिले को खुले में शौच मुक्त (ODF) बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) और सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा:
“ग्राम सचिवों और सफाई कर्मचारियों के माध्यम से गांवों में प्रतिदिन सुबह और शाम विशेष निगरानी अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों को शौचालयों के नियमित उपयोग के लिए लगातार जागरूक किया जाए।”
सामुदायिक शौचालयों के लिए विशेष संदेश
सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी परिसरों में नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने एक अनोखी और प्रभावी पहल के तहत निर्देश दिया कि प्रत्येक सामुदायिक शौचालय पर प्रमुखता से यह संदेश लिखवाया जाए— “अपने बाद आने वाले दूसरे व्यक्ति के लिए शौचालय साफ रखें।”
लापरवाही बरतने वाले विकास खंडों को अल्टीमेटम
बैठक में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण और अंत्येष्टि स्थलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिन विकास खंडों (ब्लॉक्स) में विकास कार्य की रफ्तार धीमी पाई गई, उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने का आदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर पूरे होने चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी, वरिष्ठ कोषाधिकारी उमाशंकर, बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन सिंह और जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।