मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर है। राज्य में प्रस्तावित कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली को लेकर चल रहे संशय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। मुंबई में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस नई डिजिटल परीक्षा प्रणाली को तुरंत लागू न किया जाए, बल्कि छात्रों को तैयारी का पूरा मौका देते हुए इसे अगस्त 2027 से चरणबद्ध (स्टेप-बाय-स्टेप) तरीके से अमल में लाया जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में MPSC के अध्यक्ष विवेक भीमनवार, राज्य के मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के आला अधिकारी विशेष रूप से मौजूद थे।
छात्रों की मांग के आगे झुकी सरकार, तैयारी के लिए मिलेगा पूरा समय
विभिन्न छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों द्वारा लगातार यह मांग की जा रही थी कि अचानक नई प्रणाली लागू होने से उनकी वर्षों की तैयारी प्रभावित हो सकती है। छात्रों की इस चिंता को जायज मानते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ किया कि किसी भी बड़े बदलाव से पहले परीक्षार्थियों और संबंधित संस्थाओं को मानसिक व तकनीकी रूप से तैयार होने के लिए पर्याप्त समय मिलना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद, अब यह साफ हो गया है कि आगामी सत्रों में MPSC की परीक्षाएं अपनी पुरानी और वर्तमान में प्रचलित ऑफलाइन/पारंपरिक पद्धति के अनुसार ही आयोजित की जाती रहेंगी।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सर्वोपरि
“राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सरकारी पदों पर भर्ती की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। आयोग यह सुनिश्चित करे कि सभी परीक्षाएं समय पर आयोजित हों और उनके नतीजे भी बिना किसी देरी के तय समय सीमा के भीतर घोषित किए जाएं।” — देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं को और अधिक बेहतर व त्रुटिहीन बनाने के लिए MPSC द्वारा किए जा रहे विभिन्न सुधारात्मक कदमों की सराहना भी की। इसके साथ ही उन्होंने आगे की कार्ययोजना और नीतिगत निर्णयों की जिम्मेदारी पूरी तरह से आयोग के विवेक पर छोड़ने का सुझाव दिया।