विरार: वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में इन दिनों चल रहा एसआईआर (SIR) फॉर्म अभियान विवादों और अव्यवस्थाओं के घेरे में आ गया है। इस अभियान को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब सीधे राज्य के मुखिया से गुहार लगाई गई है। ‘धर्मराज कामगार संघटना’ के शीर्ष नेतृत्व ने इस मामले में दखल देने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को एक आधिकारिक पत्र भेजा है।
कर्मचारियों के सामने खड़ी हो रही हैं बड़ी चुनौतियां
संगठन के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह सोमवंशी द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए पत्र में मैदानी स्तर पर काम करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। पत्र के अनुसार, मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर तकनीकी खामियां हैं। कई नागरिकों के पते बदल चुके हैं और उनके मोबाइल नंबर भी अपडेट नहीं हैं। ऐसी स्थिति में बीएलओ को सही लाभार्थियों और नागरिकों को खोजने में घंटों का समय गंवाना पड़ रहा है, जिससे काम की गति धीमी हो रही है।
बुनियादी सुविधाओं के बिना काम करने को मजबूर हैं BLO
पत्र में एक बेहद संवेदनशील मुद्दे की तरफ ध्यान आकर्षित किया गया है। शहर के विभिन्न स्कूलों और केंद्रों पर तैनात बीएलओ को बैठने के लिए कुर्सी और टेबल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। भीषण गर्मी और अव्यवस्था के बीच ये कर्मचारी खुले परिसरों में काम करने को विवश हैं। संगठन ने मांग की है कि इन कर्मचारियों की गरिमा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तुरंत बैठने की उचित व्यवस्था की जाए।
स्थायी केंद्र और जन-जागरूकता की मांग
प्रशासनिक लचरता को दूर करने के लिए संगठन ने मुख्यमंत्री के सामने कुछ अहम सुझाव भी रखे हैं:
- प्रत्येक सरकारी स्कूल, मतदान केंद्र, मनपा अस्पतालों और विभागीय कार्यालयों में इस फॉर्म को जमा करने के लिए स्थायी सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएं।
- आम जनता को जागरूक करने के लिए पूरे वसई-विरार क्षेत्र में प्रमुख चौराहों पर सूचना बोर्ड और बैनर लगाए जाएं, जिससे लोगों को फॉर्म मिलने और जमा होने के सही स्थान की जानकारी मिल सके।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री जनहित और कर्मचारी हित को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मामले पर बेहद जल्द कोई ठोस और सुधारात्मक निर्णय लेंगे।