पालघर : पालघर जिले में पिछले दो-तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं ने महावितरण (MSEDCL) के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी चोट पहुँचाई है। अंधाधुंध बारिश के कारण जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में ब्लैकआउट जैसे हालात पैदा हो गए हैं। हालांकि, बिजली सप्लाई को दोबारा चालू करने के लिए महावितरण के कर्मचारी और तकनीकी टीमें युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं।
97 खंभे गिरे, 1 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
ताज़ा जानकारी के अनुसार, प्राकृतिक आपदा के चलते जिले भर में 52 हाई-टेंशन (HT) और 45 लो-टेंशन (LT) श्रेणी के कुल 97 बिजली के खंभे उखड़कर गिर गए। इसके अलावा लगभग 8.74 किलोमीटर लंबी बिजली की केबल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। 6 वितरण बिंदु (DP), 25 ट्रांसफॉर्मर सेंटर (DTC) और 10 मुख्य ऊर्जा फीडर भी इस बारिश की चपेट में आए हैं। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, इस तबाही से बिजली विभाग को करीब 1.01 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है।
इन इलाकों में मरम्मत कार्य तेज़ी पर
महावितरण की आपातकालीन टीमें आच्छाड, आमगांव, सावरोली, बोर्डी, अशागढ़, दापचरी और डोलारपाड़ा सब-स्टेशन के तहत आने वाले गांवों में दिन-रात काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो अधिकांश इलाकों में सप्लाई जल्द सामान्य कर दी जाएगी। हालांकि, जांबुगांव और निंबाळपाड़ा जैसे इलाकों में भारी जलभराव के कारण खंभों की मरम्मत में अतिरिक्त समय लग रहा है।
प्रशासन की नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
पालघर की जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने स्थिति का जायज़ा लेते हुए कहा कि प्रशासन और महावितरण पूरी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे टूटे तारों, पानी में डूबे खंभों और बिजली के उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत महावितरण हेल्पलाइन को सूचित करें ताकि हादसों से बचा जा सके।