वसई (संवाददाता साहिल यादव): महाराष्ट्र शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और सुलभ तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की शुरुआत की गई है। वसई पश्चिम स्थित जी.जी. कॉलेज प्रांगण में ‘छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व समाधान शिविर’ का गरिमामय माहौल में शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य स्तरीय आदिवासी विकास समीक्षा समिति (मंत्री दर्जा) के अध्यक्ष विवेक भाऊ पंडित एवं वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
यह विशाल शिविर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिवस तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित दादा पवार की जयंती के उपलक्ष्य में राजस्व विभाग द्वारा आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों के भव्य स्वागत के साथ हुआ, जिसके बाद उपविभागीय अधिकारी (SDO) एवं दंडाधिकारी शेखर घाडगे ने शिविर की रूपरेखा, कार्यप्रणाली और एक ही छत के नीचे मिलने वाली विभिन्न प्रशासनिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
नागरिकों को लाभार्थी नहीं, अधिकार धारक के रूप में देखें: विधायक स्नेहा दुबे पंडित
जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का प्राथमिक लक्ष्य हर नागरिक तक उसके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की पहुंच को आसान बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह अभियान केवल प्रमाणपत्र या योजनाएं बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनसेवा को सीधे आम जनता के दरवाजे तक ले जाने का एक सार्थक प्रयास है।”
विधायक ने जानकारी दी कि इस परिसर में राजस्व विभाग के अलावा वसई-विरार महानगरपालिका, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग सहित कई अन्य प्रमुख विभागों की स्टॉल और सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि ऐसे समाधान शिविरों का आयोजन वसई तालुका के सुदूर ग्रामीण अंचलों में भी नियमित रूप से किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले हर व्यक्ति को सम्मान दिया जाए और उन्हें किसी ‘लाभार्थी’ की बजाय अपने अधिकारों का दावा करने वाले नागरिक के रूप में सेवा प्रदान की जाए।
शासन और जनता के बीच मजबूत कड़ी है राजस्व विभाग: विवेक भाऊ पंडित
समिति अध्यक्ष विवेक भाऊ पंडित ने अपने संबोधन में स्वर्गीय अजित दादा पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सरकार और आम जनता के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण सेतु का काम करता है। पंडित ने विपरीत परिस्थितियों और दैनिक व्यस्तताओं के बावजूद इस जनकल्याणकारी अभियान को सफलता पूर्वक संचालित करने के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की निष्ठा की सराहना की।