वसई-विरार: वसई-विरार शहर में अपने हक और आजीविका की सुरक्षा को लेकर फेरीवालों ने नगर निगम प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। ‘फेरीवाले बचाव संघर्ष समिति’ के बैनर तले आगामी 5 अगस्त को महानगरपालिका मुख्यालय के सामने एक बड़ा और निर्णायक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित सहमति और ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।
सुबह 10 बजे शुरू होगा मार्च समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन 5 अगस्त को सुबह 10 बजे विरार स्थित जकात नाका से शुरू होगा। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी सुबह 11 बजे तक वसई-विरार महानगरपालिका मुख्यालय पहुंचेंगे। आयोजकों ने कहा है कि प्रदर्शन का रूप लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन फेरीवाले अपनी जायज मांगों को पूरी मुखरता से रखेंगे।
प्रशासनिक अनदेखी और अवैध वसूली से परेशान हैं विक्रेता स्थानीय विक्रेताओं का कहना है कि वर्ष 2014 के बाद से नगर निगम द्वारा फेरीवालों का कोई नया सर्वेक्षण नहीं कराया गया है। इसके चलते बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी पहचान पत्र और अधिकृत विक्रय प्रमाण पत्र से वंचित हैं। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर अवैध वसूली, बिना किसी पुनर्वास योजना के दुकानें हटाना और सामान जब्त करने जैसी मनमानी कार्रवाइयों से फेरीवाले काफी परेशान हैं।
प्रशासन के समक्ष रखी गईं यह प्रमुख मांगें:
- सभी पात्र फेरीवालों को तत्काल प्रभाव से पहचान पत्र एवं बिक्री प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।
- 2014 के बाद से रुके हुए सर्वेक्षण कार्य को तुरंत पूरा किया जाए।
- फेरीवालों से होने वाली अवैध वसूली पर पूरी तरह से नकेल कसी जाए।
- नियमानुसार ‘टाउन वेंडिंग कमेटी’ का तुरंत गठन किया जाए।
- वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास किए बिना दंडात्मक कार्रवाई और सामान जब्ती पर रोक लगाई जाए।
मांगे पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों का लिखित समाधान नहीं निकाला, तो इस आंदोलन को शहर के अन्य हिस्सों में भी व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा।
इस आंदोलन की कमान समिति की अध्यक्ष रुपाली पवार, सचिव शेरू वाघ, उपाध्यक्ष श्रीराज घोणे और कोषाध्यक्ष आकाश गुप्ता संभाल रहे हैं। उन्होंने शहर के आम नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और सभी छोटे व्यापारियों से इस मोर्चे में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।