पालघर: जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित राजस्व दिवस एवं पालघर जिला स्थापना दिवस समारोह अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिले की प्रशासनिक प्रमुख, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने राजस्व प्रशासन की बदलती कार्यशैली और भविष्य के विकास मॉडल पर अपना विज़न साझा किया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग अब केवल सरकारी राजस्व एकत्र करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के कल्याण और जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने वाली मुख्य धुरी बन चुका है।
जन-जन तक योजनाएं पहुँचाना मुख्य उद्देश्य जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार की तमाम लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुँचे, यही प्रशासनिक तंत्र का मुख्य ध्येय है। कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
वनाधिकार और आपदा प्रबंधन में शानदार कार्य समारोह के दौरान डॉ. जाखड़ ने वनाधिकार अधिनियम के तहत योग्य लाभार्थियों को सातबारा (भूमि अधिकार दस्तावेज) सौंपने की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान राजस्व टीम द्वारा अन्य विभागों के साथ तालमेल बिठाकर पहुँचाई गई त्वरित राहत सामग्री व सहायता की खुले दिल से सराहना की।
जनहित में लिए गए महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय अपने संबोधन में उन्होंने भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता, ‘सभी के लिए घर’ संकल्पना और लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमणों के सरलीकरण व नियमितीकरण को जनता के हित में लिया गया ऐतिहासिक कदम बताया।
पालघर बनेगा महाराष्ट्र का औद्योगिक हब भविष्य का रोडमैप पेश करते हुए जिलाधिकारी ने पूर्ण विश्वास जताया कि पालघर आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर आने वाले औद्योगिक निवेश, नए रोज़गार के अवसरों, कौशल विकास कार्यक्रमों और मजबूत आधारभूत ढांचे के बल पर पूरे महाराष्ट्र राज्य का ‘ग्रोथ इंजन’ सिद्ध होगा।
समारोह के समापन पर अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।