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वसई-विरार मनपा का बड़ा कदम: बड़े कचरा उत्पादकों के लिए नए नियम लागू; 30 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट, टैक्स में मिलेगी 5% छूट |

वसई-विरार: वसई-विरार शहर महानगरपालिका के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग ने शहर को स्वच्छता के नए पायदान पर ले जाने के उद्देश्य से ‘बल्क वेस्ट जनरेटर्स’ (बड़े कचरा उत्पादकों) के लिए ठोस कचरा प्रबंधन नियमावली-2026 के क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण जनजागरण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में महापौर अजीव पाटील, पालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. (IAS), विभिन्न नागरिक प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे।

किन्हें माना जाएगा ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’? प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले परिसर इस नए नियम के दायरे में आएंगे:

  1. ऐसे संस्थान या परिसर जहाँ रोजाना 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा निकलता है।
  2. 20,000 वर्ग फुट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले आवासीय या व्यावसायिक परिसर।
  3. वे संस्थान जहाँ प्रतिदिन 40,000 लीटर या उससे अधिक पानी की खपत होती है।

इन सभी संस्थानों को अब कचरा उत्पन्न होने वाले स्थान पर ही गीला, सूखा, जैविक तथा विशेष श्रेणी के कचरे को अलग-अलग करना और वैज्ञानिक तरीके से उसका निपटारा करना अनिवार्य होगा।

पर्यावरण अनुकूल तकनीकों पर ज़ोर कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने गीले कचरे के निस्तारण हेतु खाद बनाने (कंपोस्टिंग) और बायोगैस संयंत्र लगाने जैसी तकनीकों की जानकारी दी। साथ ही ‘एक्सटेंडेड बल्क वेस्ट जनरेटर रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (EBWGR) के अंतर्गत पंजीकरण और नियमों का उल्लंघन करने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई से अवगत कराया गया।

नियम मानने पर प्रॉपर्टी टैक्स में 5% की छूट बैठक को संबोधित करते हुए मनपा आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने अपील की कि जिन आवासीय सोसायटियों ने अभी तक कचरा प्रसंस्करण शुरू नहीं किया है, वे इसे तुरंत अपनाएं। उन्होंने प्रोत्साहन देते हुए घोषणा की कि ऑन-साइट कचरा प्रबंधन करने वाली सोसायटियों को संपत्ति कर में 5 प्रतिशत की राहत दी जा रही है, जिसे आगे और बढ़ाया जा सकता है।

30 दिनों का अल्टीमेटम, नहीं मानने पर कार्रवाई महापौर अजीव पाटील ने आश्वासन दिया कि प्रक्रिया को अपनाने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने में मनपा प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। हालांकि, मनपा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी संबंधित संस्थान 30 दिनों के भीतर अपने कचरा प्रबंधन का ब्योरा और अनुपालन रिपोर्ट जमा करें। निर्धारित समय में नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

Sanjay Jaiswal

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