न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी पर जताई भारी नाराजगी
वसई की बहुचर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड को चार साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पीड़ित परिवार को आज भी इंसाफ का इंतजार है। मामले की न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी और “तारीख पर तारीख” दिए जाने को लेकर श्रद्धा की आत्या राजल नाईक ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने न्यायिक विलंब पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी और मामले की सुनवाई में तेजी लाने की मांग की है।
पाकिस्तान से आ रहे अज्ञात फोन कॉल, पुलिस में शिकायत की तैयारी
राजल नाईक ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि श्रद्धा के लिए मीडिया के सामने आवाज उठाने के बाद से ही उन्हें पाकिस्तान से अज्ञात नंबरों से फोन कॉल आने शुरू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से वे इन कॉल्स को नहीं उठा रही हैं और उन्होंने सभी स्क्रीनशॉट सुरक्षित रख लिए हैं, जिसे वे जल्द ही पुलिस को सौंपकर लिखित शिकायत दर्ज कराएंगी।
पिता की अंतिम इच्छा रह गई अधूरी
राजल नाईक ने दुख जताते हुए कहा कि श्रद्धा के माता-पिता का निधन हो चुका है। श्रद्धा के पिता की अंतिम इच्छा थी कि अपनी बेटी के अवशेषों में से एक अंश मिल जाए ताकि वे अपने जीवित रहते उसका अंतिम संस्कार कर सकें, लेकिन उन्हें वह भी नसीब नहीं हुआ। उन्होंने सरकार और न्यायालय से गुहार लगाई है कि हत्यारे को जल्द से जल्द सख्त सजा देकर श्रद्धा को इंसाफ दिलाया जाए।