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मीरा-भाईंदर: 100 करोड़ के लता मंगेशकर नाट्यगृह में AC ठप, अमित टंडन का शो रद्द; मंत्री प्रताप सरनाईक ने मनपा को घेरा |

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मीरा-भाईंदर: 100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बना मीरा-भाईंदर का भव्य लता मंगेशकर नाट्यगृह इन दिनों मनपा प्रशासन की घोर लापरवाही का अड्डा बन चुका है। दहिसर चेक नाका के पास स्थित इस अत्याधुनिक नाट्यगृह का वातानुकूलित (AC) सिस्टम बार-बार ठप पड़ने से आयोजकों और कलाप्रेमियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। रविवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब मशहूर संगीतकार अमित टंडन का शो ऐन वक्त पर रद्द करना पड़ा, जिससे दर्शकों को निराश होकर घर लौटना पड़ा।

100 करोड़ की इमारत, पर मेंटेनेंस शून्य करीब दो वर्ष पूर्व मीरा-भाईंदर महानगरपालिका ने विकास हक प्रमाणपत्र (TDR) के बदले लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से इस नाट्यगृह का निर्माण कराया था। पिछले दो सालों से यहाँ व्यावसायिक नाटकों और निजी कार्यक्रमों के माध्यम से महानगरपालिका को लगातार राजस्व भी मिल रहा है। इसके बावजूद रखरखाव के प्रति प्रशासन का ढुलमुल रवैया अब जनता और आयोजकों पर भारी पड़ रहा है।

AC बंद होने से अमित टंडन का कार्यक्रम रद्द, पैसे वापस रविवार को छुट्टी के दिन नाट्यगृह में मशहूर संगीतकार अमित टंडन का भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित था। दर्शकों ने ऑनलाइन ऐप्स के माध्यम से भारी तादाद में टिकटें बुक की थीं। हालांकि, निर्धारित समय तक जब AC चालू नहीं हुआ और हाल में घुटन बढ़ने लगी, तो आयोजकों के पास शो रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। मजबूरी में आयोजकों को दर्शकों के टिकट के पैसे रिफंड करने पड़े। मनपा का दावा है कि शनिवार को AC की मरम्मत की गई थी, लेकिन गैस लीक होने के कारण सिस्टम को दोबारा बंद करना पड़ा।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का बड़ा हमला इसी नाट्यगृह में रविवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की संस्था द्वारा ‘गणेश दर्शन स्पर्धा’ का पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया था। इस दौरान भी AC पूरी तरह बंद रहा। बदहाली देखकर बिफरे मंत्री प्रताप सरनाईक ने तंज कसते हुए कहा कि यदि इतनी बेहतरीन इमारत की सही देखभाल नहीं हो पा रही है, तो शिवसैनिकों को आयुक्त और महापौर को ‘मनी ऑर्डर’ भेजने की पहल करनी चाहिए।

ठेकेदारों का 1 साल से भुगतान बकाया नाट्यगृह के मेंटेनेंस का काम देखने वाले ठेकेदारों का आरोप है कि निविदा प्रक्रिया के तहत काम सौंपने के बाद भी उन्हें पिछले एक वर्ष से भुगतान नहीं किया गया है। बकाए बिलों का भुगतान न होने के कारण मेंटेनेंस और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।

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Rajesh