रिपोर्टर: तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ राजेश कोरी
विरार: वसई-विरार महानगरपालिका द्वारा बढ़ाए गए पानी टैक्स (जल कर) के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को महानगरपालिका मुख्यालय के मुख्य द्वार पर विरोधी पक्षनेता मनोज पाटील के नेतृत्व में भाजपा और विपक्षी दलों के नगरसेवकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महासभा में शामिल होने से पहले ही नगरसेवकों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मनपा प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और टैक्स वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की।
आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ का आरोप प्रदर्शन के दौरान विपक्षी पक्षनेता मनोज पाटील और नगरसेवकों ने मनपा प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महानगरपालिका पहले से ही शहर के नागरिकों से भारी मात्रा में गृहकर और पानी टैक्स वसूल रही है। इसके बावजूद पानी के बिलों में और बढ़ोतरी कर आम करदाताओं की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस फैसले को जनविरोधी करार देते हुए प्रशासन से इस पर तुरंत पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
सुविधाओं का अकाल, करों में उछाल विपक्षी नगरसेवकों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वसई-विरार क्षेत्र में नागरिक आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। कई इलाकों में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति तक नहीं हो पा रही है। ऐसे संकट के समय करों में इजाफा करने के बजाय नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना महानगरपालिका प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यालय पर गरमाया राजनीतिक माहौल मनपा गेट के बाहर हुए इस उग्र आंदोलन और नारेबाजी के कारण कुछ समय के लिए महानगरपालिका मुख्यालय परिसर में भारी राजनीतिक सरगर्मी और तनाव का माहौल बना रहा। भाजपा नगरसेवकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक बढ़ी हुई पानी की दरों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक नागरिकों के हक की लड़ाई जारी रहेगी।
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