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जन्माष्टमी स्पेशल: अनुपमा और अनुज के अमर प्रेम को याद कर भावुक हुए ‘मान’ के प्रशंसक |

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साहिल यादव

मुंबई। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देशभर में भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी और मीरा बाई के निस्वार्थ प्रेम तथा भक्ति का स्मरण किया जा रहा है। इसी बीच, प्रसिद्ध धारावाहिक ‘अनुपमा’ में दिखाए गए अनुपमा और अनुज कपाड़िया के अमर प्रेम को याद कर प्रशंसक एक बार फिर भावुक हो उठे हैं। दर्शकों के बीच ‘मान’ नाम से लोकप्रिय यह जोड़ी आज भी भारतीय टेलीविजन की सबसे यादगार जोड़ियों में से एक मानी जाती है।

श्रीकृष्ण-राधा के प्रेम और मीरा की भक्ति का प्रतिरूप

जन्माष्टमी के विशेष अवसर पर ‘मान’ की प्रेम कहानी को श्रीकृष्ण और राधा रानी के उस अटूट व आत्मिक प्रेम से जोड़ा जा रहा है, जो सदियों से निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक है। वहीं, अनुपमा का अनुज के प्रति समर्पण मीरा की कृष्ण भक्ति की तरह ही अडिग नजर आता है। अनुपमा के जीवन में अनुज केवल एक जीवनसाथी या प्रेमी बनकर नहीं रहे, बल्कि वे उनकी भावनाओं और यादों में इस कदर बस चुके हैं कि परिस्थितियां बदलने के बाद भी उनका जुड़ाव कम नहीं हुआ।

त्याग, विश्वास और परीक्षा से गुजरी प्रेम कहानी

‘मान’ की इस प्रेम कहानी की सबसे बड़ी खासियत इसका परिपक्व और सच्चा रूप रहा है। इस रिश्ते में दर्शकों ने प्रेम के साथ-साथ बिछड़ने का दर्द, गलतफहमियां, इंतजार और त्याग को बेहद करीब से महसूस किया। कई मौकों पर बिना शब्दों के भी दोनों के बीच का भावनात्मक खिंचाव दर्शकों के दिलों को छू गया। इस रिश्ते ने दिखाया कि सच्चा प्रेम साथ रहने तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह परिस्थितियों और दूरियों से परे भी कायम रहता है।

दर्शकों के दिलों में आज भी अमर है ‘मान’ का जादू

दीपा शाही और राजन शाही द्वारा निर्मित धारावाहिक ‘अनुपमा’ में समय के साथ कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अनुपमा और अनुज की प्रेम कहानी टीवी रोमांस का एक ऐसा ऐतिहासिक अध्याय बन चुकी है, जिसे दर्शक कभी भुला नहीं पाएंगे। प्रशंसकों के लिए ‘मान’ महज एक ऑन-स्क्रीन जोड़ी नहीं, बल्कि विश्वास और समझ की एक भावनात्मक मिसाल है।

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Rajesh