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भाखड़ा नदी के उफान पर आते ही पानी में उतरे आजाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष, लोगों व बच्चों को नदी किनारे न जाने की दी हिदायत

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रिपोर्टर: अफसार खान, तृप्ति प्रमाण।

मीरगंज / बरेली। क्षेत्र से गुजरने वाली भाखड़ा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तटीय इलाकों में बाढ़ के मंडराते खतरे को देखते हुए पूर्व सांसद व पूर्व विधायक प्रत्याशी लईक अहमद मंसूरी के पुत्र तथा आजाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष ने शुक्रवार को धरातल पर उतरकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। नदी के तेज बहाव और बढ़ते पानी के बीच वे खुद नदी में उतर गए और आसपास के प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

नदी किनारे न जाने की सख्त सलाह

नदी के भयावह और उग्र रूप को देखते हुए जिलाध्यक्ष ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों और विशेष रूप से बच्चों को नदी की ओर न जाने की सख्त ताकीद की। उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद कायम कर उन्हें जागरूक किया कि उफान मारती भाखड़ा नदी के पास जाना बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है।

पानी में उतरकर स्थिति का लिया जायजा

भाखड़ा नदी के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि की जानकारी मिलते ही जिलाध्यक्ष बिना किसी विलंब के सीधे मौके पर पहुंचे। उन्होंने खुद पानी में उतरकर नदी तट के कटान और संभावित जलभराव के खतरे का गहराई से आंकलन किया।

बच्चों और युवाओं को किया जागरूक

जलस्तर बढ़ने के दौरान अक्सर बच्चे और युवा कौतूहलवश या स्नान करने के उद्देश्य से नदी के समीप पहुंच जाते हैं। खतरे को भांपते हुए जिलाध्यक्ष ने मौके पर मौजूद बच्चों को तत्काल सुरक्षित दूरी पर हटाया तथा अभिभावकों से विशेष अपील की कि वे इस मौसम में अपने बच्चों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें।

प्रशासन से गोताखोर व चेतावनी बोर्ड की मांग

निरीक्षण के पश्चात उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि भाखड़ा नदी के बेहद संवेदनशील और जोखिम भरे तटीय इलाकों में तत्काल चेतावनी बोर्ड स्थापित किए जाएं। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तथा कुशल गोताखोरों की तैनाती की जाए।

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Rajesh