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कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बनीं एसडीएम निधि शुक्ला, मीरगंज तहसील की प्रशासनिक व्यवस्था को दी नई दिशा

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प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक चल रही गहन जनसुनवाई; गरीबों व फरियादियों को मौके पर मिल रहा त्वरित न्याय

मीरगंज (बरेली):

उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनमानस की समस्याओं का पारदर्शी, त्वरित और समयबद्ध निस्तारण करने के क्रम में मीरगंज की उपजिलाधिकारी (एसडीएम) निधि शुक्ला एक अनुकरणीय उदाहरण पेश कर रही हैं। अपनी सख्त कार्यप्रणाली, प्रशासनिक अनुशासन और जनसंवेदनशील व्यवहार के बल पर उन्होंने बेहद कम समय में मीरगंज तहसील की व्यवस्था में व्यापक सुधार किया है, जिसकी सराहना पूरे जिले में हो रही है।

समय की पाबंदी से बिचौलियों पर लगा अंकुश:

एसडीएम निधि शुक्ला के लिए समय का पालन सर्वोपरि है। वह प्रतिदिन सुबह ठीक 10:00 बजे अपने कार्यालय की कुर्सी पर आसीन हो जाती हैं और दोपहर 2:00 बजे तक निरंतर जनसुनवाई करती हैं। दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से अपनी फरियाद लेकर आने वाले ग्रामीणों को अधिकारियों के इंतजार में परेशान नहीं होना पड़ता। निश्चित समय पर जनसुनवाई शुरू होने से जहाँ पीड़ितों के समय और धन की बचत हो रही है, वहीं तहसील परिसर में लंबे समय से सक्रिय बिचौलियों और दलालों का प्रभाव भी समाप्त हो गया है।

गरीबों और असहायों के लिए संबल:

जनसुनवाई के दौरान एसडीएम निधि शुक्ला का रुख क्षेत्र के गरीब, असहाय, बुजुर्ग और महिला फरियादियों के प्रति अत्यंत सहयोगात्मक और संवेदनशील रहता है। वे प्रत्येक आवेदक की समस्या को पूरे ध्यान और धैर्यपूर्वक सुनती हैं तथा मामलों को अनावश्यक लंबित रखने के बजाय मौके पर ही संबंधित मातहतों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश देती हैं। त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के निर्बल वर्ग में प्रशासन के प्रति सुरक्षा और विश्वास का भाव सुदृढ़ हुआ है।

प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर शत-प्रतिशत खरा उतरना:

एसडीएम निधि शुक्ला की इस अनुशासित और जनहितैषी कार्यशैली से न केवल आम जनता में शासन-प्रशासन के प्रति सम्मान बढ़ा है, बल्कि जिला प्रशासन की मंशा धरातल पर साकार हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि हर जिम्मेदार अधिकारी इसी तरह समय का पाबंद, संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ हो जाए, तो किसी भी पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा।

मीरगंज में हुआ यह बदलाव क्यों है खास?

  • शत-प्रतिशत समयबद्धता: प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से जनसुनवाई का नियमित शुभारंभ।
  • पारदर्शी और त्वरित निस्तारण: फाइलों को अटकाने की परिपाटी समाप्त, मौके पर ही सख्त निर्देश।
  • संवेदनशील व्यवहार: गरीब, बुजुर्ग और कमजोर वर्ग की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता।

संवाददाता: लादेन मंसूरी

स्थान: मीरगंज, बरेली

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Rajesh