उत्कृष्ट और लोकाभिमुख कार्यों के लिए मिला पुरस्कार
महाराष्ट्र सरकार के राजस्व विभाग ने भिवंडी के युवा एवं तेजतर्रार तहसीलदार अभिजीत खोले को वर्ष 2026 के ‘आदर्श तहसीलदार’ पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार राज्य सरकार की ओर से उन प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदान किया जाता है जो पारदर्शी, जन-उन्मुख और गतिमान प्रशासन के माध्यम से नागरिकों तक शासकीय सेवाएं सीधे पहुंचाने का कार्य करते हैं।
‘घोंगड़ी बैठक’ से घर-घर तक पहुंचाई प्रशासनिक सेवाएं
ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, आरडीसी डॉ. संदीप माने और भिवंडी के उपविभागीय अधिकारी (एसडीओ) अमित सानप के कुशल मार्गदर्शन में तहसीलदार अभिजीत खोले ने भिवंडी के ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में कई जनहितकारी कदम उठाए। उन्होंने ‘घोंगड़ी बैठक’ नामक अनूठी पहल शुरू कर ग्रामीणों के घर-घर जाकर रास्ते, पेयजल, बिजली और राजस्व से जुड़ी लंबित समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया।
रेत माफिया पर नकेल और बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
तहसीलदार अभिजीत खोले ने ‘महा राजस्व अभियान’ और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महसूल समाधान शिविर’ के जरिए दर्जनों पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया। इसके अलावा, तहसील क्षेत्र में अवैध रेत माफियाओं पर नकेल कसने, मासूम बच्चों को बंधुआ मजदूरी के चंगुल से मुक्त कराने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान में उन्होंने अनुकरणीय भूमिका निभाई है। उनके इस सम्मान से समूचे भिवंडी तहसील प्रशासन में खुशी की लहर है।