संवाददाता: तृप्ति प्रमाण
स्थान: वसई-विरार
सत्ता में होने के बावजूद जनता के हक के लिए संघर्ष करेगी भाजपा वसई-विरार में बिना पूर्व सूचना के घंटों बाधित हो रही बिजली आपूर्ति, स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों और अत्यधिक बिजली बिलों को लेकर स्थानीय नागरिकों में तीखा असंतोष व्याप्त है। उपभोक्ताओं की समस्याओं का समय पर समाधान न होने से नाराज भाजपा वसई-विरार जिला महामंत्री मनोज बारोट ने महावितरण के खिलाफ तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा भले ही राज्य की सत्ता में शामिल है, लेकिन वह जन-समस्याओं पर मौन नहीं रहेगी।
विभागवार शिकायत निवारण शिविर आयोजित करने की मांग मनोज बारोट ने महावितरण से मांग की है कि वसई-विरार के विभिन्न विभागों में तुरंत ‘शिकायत निवारण शिविर’ लगाए जाएँ, जहाँ स्मार्ट मीटर, बढ़े हुए बिलों और बिजली कटौती से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा कि बिजली की इस बदहाल स्थिति के पीछे केवल महावितरण ही नहीं, बल्कि महानगरपालिका की अनियोजित नीतियाँ और अवैध निर्माण भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं।
अवैध निर्माणों और महानगरपालिका के नियोजन पर सवाल बारोट ने महानगरपालिका के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना नियोजन के तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों के कारण बुनियादी बिजली वितरण तंत्र पर भारी लोड पड़ रहा है। वसंत नगरी जैसे घटनाक्रमों का उदाहरण देते हुए उन्होंने माँग की कि अवैध निर्माणों पर शुरुआती चरण में ही सख्त कार्रवाई की जाए और किसी भी प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से पहले शहर के बुनियादी ढाँचे की क्षमता का मूल्यांकन अनिवार्य रूप से किया जाए।
प्रशासनिक टालमटोल के खिलाफ आर-पार की लड़ाई 16 अगस्त के जनआक्रोश मोर्चे का उल्लेख करते हुए बारोट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से पर्याप्त बजट मिलने के बावजूद अगर प्रशासनिक लापरवाही से जनता परेशान होती है, तो भाजपा प्रशासन से जवाब तलब करेगी। उन्होंने महावितरण को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि केवल कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा; यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भाजपा आम जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।