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पालघर का कायाकल्प: दापचरी में बनेगा इंटरनेशनल एग्रो एक्सपोर्ट हब, युवाओं को रोजगार और श्रीराम मंदिर को मिला तीर्थस्थल का दर्जा |

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 संवाददाता : पराग यादव 

पालघर:

पालघर जिले के सर्वांगीण और संतुलित विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदमों की घोषणा की है। महाराष्ट्र के वन मंत्री तथा पालघर के पालक मंत्री गणेश नाईक ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे का विकास इस तरह किया जाए जिससे हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। यह दिशा-निर्देश उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के लोकशाहीर आत्माराम पाटील नियोजन समिति सभागार में आयोजित जिला नियोजन समिति (डीपीडीसी) की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दिए।

दापचरी में खुलेगा अंतरराष्ट्रीय कृषि निर्यात केंद्र, स्थानीय युवाओं को तरजीह

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला विकास से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। दहानू तहसील के दापचरी क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का एग्रो एक्सपोर्ट हब (कृषि निर्यात केंद्र) स्थापित किया जाएगा। यह हब राज्यभर के कृषि उत्पादों को विदेशों में भेजने के लिए एक मुख्य लॉजिस्टिक सेंटर के रूप में काम करेगा। सबसे खास बात यह है कि इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में पालघर के स्थानीय भूमिपुत्रों और युवाओं को नौकरियों में पहली प्राथमिकता देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया है।

विकास कार्यों के लिए 859 करोड़ का भारी-भरकम बजट

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आदिवासी घटक कार्यक्रम, सामान्य और विशेष घटक योजना के तहत कुल 859.38 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। पालक मंत्री गणेश नाईक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस निधि का आवंटन प्रत्येक तहसील की आबादी और वहां की जमीनी जरूरतों के हिसाब से समान रूप से किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने साल 2025-26 के बचे हुए फंड का मार्च 2027 तक शत-प्रतिशत इस्तेमाल सुनिश्चित करने की भी बात कही।

बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि जिले के जिन गांवों, वाड़ियों और ग्रामीण पाड़ों में श्मशान भूमि नहीं है, वहां इस साल प्राथमिकता के आधार पर इसका निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, ‘विकसित महाराष्ट्र-2030’ विजन के तहत स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन, ऊर्जा और सड़क संपर्क से कटे आदिवासी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष फोकस रहेगा।

महापुरुषों के भव्य स्मारक और श्रीराम मंदिर को ‘क’ श्रेणी

पालघर के नागरिकों के लिए गौरव की बात है कि आद्यक्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा और भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के भव्य स्मारकों के निर्माण के लिए जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में ही जमीन तय कर ली गई है। इसका विस्तृत प्रस्ताव जल्द ही राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसके अलावा, पालघर शहर के ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर को सर्वसम्मति से ‘क’ श्रेणी के आधिकारिक तीर्थस्थल का दर्जा दे दिया गया है, जिससे इसके विकास को नई दिशा मिलेगी।

डिजिटल भूमिपूजन और नियुक्ति पत्रों का वितरण

बैठक के दौरान जव्हार तहसील के विनवळ में बनने वाली शासकीय आश्रमशाला के बहुउद्देशीय सभागार का वर्चुअल माध्यम से भूमिपूजन संपन्न हुआ। इसके साथ ही पेसा (PESA) क्षेत्र के 26 योग्य उम्मीदवारों को शिक्षणसेवक पद के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे गए। राष्ट्रीय बांस मिशन और अटल बांस समृद्धि योजना के अंतर्गत जिले के 31 बांस उत्पादक किसानों को बांस के पौधे और सब्सिडी के स्वीकृति पत्र बांटे गए। इस मौके पर ‘बांस से समृद्धि की ओर’ नाम की एक विशेष मार्गदर्शिका पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

इस बैठक में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक एडवोकेट निरंजन डावखरे, ज्ञानेश्वर म्हात्रे, रवींद्र फाटक, राजेंद्र गावित, शांताराम मोरे, विलास तरे, विनोद निकोले, हरिश्चंद्र भोये, स्नेहा दुबे पंडित और राजन नाईक सहित जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, वसई-विरार मनपा आयुक्त पृथ्वीराज बी. पी., जिप सीईओ मनोज रानडे और जिला पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख सहित सभी आला अधिकारी उपस्थित थे।

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Rajesh