पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत अभियान पर पुस्तक का लोकार्पण |

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मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर दिया जोर

पटना। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “Environmental Sustainability and Swachh Bharat Abhiyan” पुस्तक का लोकार्पण समारोह रविवार को पटना के जे.डी. वीमेंस कॉलेज के सभागार में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे दैनिक जीवन की आदतों में शामिल करने पर जोर दिया।

पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवहार में बदलाव जरूरी

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अबू बकर रिज़वी ने पुस्तक के प्रकाशन पर लेखकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता के साथ-साथ लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव भी आवश्यक है।

पुस्तक के सह लेखक प्रो. तपन कुमार शांडिल्य, प्रो. मनोज कुमार और डॉ. विनय भूषण कुमार ने पुस्तक की विषयवस्तु और उद्देश्य के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पुस्तक में पर्यावरणीय स्थिरता, स्वच्छ भारत अभियान, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जैव विविधता, स्वच्छता और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्तुत किया गया है।

उच्च शिक्षा संस्थानों की भी अहम जिम्मेदारी

अध्यक्षीय संबोधन में BSUSC के अध्यक्ष प्रो. गिरीश कुमार चौधरी ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनमें सामाजिक और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी आवश्यक है।

उन्होंने पुस्तक को पर्यावरणीय जागरूकता के क्षेत्र में एक उपयोगी शैक्षणिक पहल बताया।

वहीं जे.डी. वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या प्रो. मीरा कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के लिए महाविद्यालयों में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।

समारोह में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षकेतर कर्मचारी, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ: विनोद प्रसाद

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