नालासोपारा पश्चिम में यातायात बाधित करने वाले गैरेजों पर पुलिस का शिकंजा, चार मामले दर्ज |

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विपक्ष नेता मनोज पाटील के प्रयासों के बाद कार्रवाई; अवैध अतिक्रमण और शेड हटाने के लिए मनपा से संयुक्त अभियान की मांग

विरार। रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण।

नालासोपारा पश्चिम के फोर्थ रोड और श्रीप्रस्थ म्हाडा परिसर में सड़कों पर वाहन खड़े कर यातायात बाधित करने वाले गैरेज संचालकों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। नालासोपारा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 285 के तहत चार अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इस समस्या को लेकर वसई-विरार महानगरपालिका के विपक्ष नेता मनोज पाटील लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार, प्रभाग समिति ‘ई’ क्षेत्र में कुछ गैरेज संचालकों द्वारा मरम्मत के लिए आने वाले वाहनों को सड़क पर खड़ा किया जा रहा था। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ पैदल यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही थी।

गैरेज संचालकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई

पुलिस की कार्रवाई में श्रीप्रस्थ म्हाडा रोड स्थित हुरेन गैरेज के संचालक रुहान हनिफ मेमन, विवेक ऑटो पार्ट्स गैरेज के संचालक सचिन दीपक नाईक और सोपारा स्टेशन रोड स्थित ब्रिटो गैरेज के संचालक इरफान मोहम्मद मुसा अंसारी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा एक अन्य संबंधित मामले में भी कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 285 के तहत चार अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।

मनपा और पुलिस के संयुक्त अभियान की मांग

इस कार्रवाई के बाद विपक्ष नेता मनोज पाटील ने मांग की है कि वसई-विरार महानगरपालिका और पुलिस प्रशासन संयुक्त अभियान चलाकर सड़क पर किए गए अवैध अतिक्रमण और गैरेजों के शेड हटाएं।

उन्होंने यह भी मांग की कि यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए नियमित पुलिस गश्त की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाए और जरूरत पड़ने पर सड़क पर खड़े वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जाए।

सड़कों को अतिक्रमणमुक्त बनाने की मांग

नालासोपारा पश्चिम के फोर्थ रोड और श्रीप्रस्थ म्हाडा परिसर में यातायात बाधित होने की समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की मांग उठ रही थी। अब पुलिस द्वारा चार मामले दर्ज किए जाने के बाद मनपा और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को लेकर भी मांग तेज हुई है।

स्थानीय सड़कों को अतिक्रमणमुक्त बनाकर पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।

रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण

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