सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप
वसई-विरार: आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मुनाफाखोरों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। जाबांज आईएएस अधिकारी और FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के कड़े आदेशों के बाद गुरुवार को नालासोपारा की एक प्रमुख दूध डेयरी पर अचानक छापेमारी की गई। इस औचक कार्रवाई के दौरान विभाग ने भारी मात्रा में करीब 278 लीटर मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक दूध बरामद किया, जिसे बिना कोई मौका दिए मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
गुप्त सूचना पर सटीक जाल
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, विभाग के खुफिया तंत्र को एक सटीक जानकारी मिली थी कि नालासोपारा के इस इलाके में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक और मिलावटी दूध तैयार कर मार्केट में सप्लाई किया जा रहा है। इस इनपुट के आधार पर अधिकारियों की एक विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से डेयरी पर धावा बोला। मौके पर खुले बर्तनों में रखा टोंड दूध और पाश्चुरीकृत स्टैंडर्ड दूध संदिग्ध अवस्था में पाया गया। अधिकारियों ने जब ऑन-द-स्पॉट प्राथमिक किट से इसकी जांच की, तो इसमें सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों की मिलावट पाई गई। इसके तुरंत बाद 278 लीटर दूध को ज़ब्त कर नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि यह किसी भी हालत में जनता तक न पहुंचे।
तुकाराम मुंढे का क्लीन-अप अभियान
जब से कड़क तेवरों के लिए मशहूर तुकाराम मुंढे ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर का पद संभाला है, तब से पूरे महाराष्ट्र में अवैध धंधों पर ताले लग रहे हैं। नकली दवाइयां बनाने वाली कंपनियां हों, प्रतिबंधित गुटखा और खतरनाक पान मसाले के तस्कर हों, या फिर खान-पान की चीजों में मिलावट करने वाले गिरोह—मुंढे का डंडा हर जगह चल रहा है। इसी कड़ी में अब वसई-विरार का दुग्ध माफिया भी उनके रडार पर आ चुका है। अधिकारियों का साफ कहना है कि यह कार्रवाई तो बस एक शुरुआत है, आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा।
प्रशासन की जनता से अपील और कानूनी कार्रवाई
FDA प्रशासन ने इस कार्रवाई के बाद नागरिकों के लिए एक जरूरी गाइडलाइन जारी की है। विभाग ने अपील की है कि लोग खुली जगहों या संदिग्ध वेंडर्स से दूध खरीदने से बचें। हमेशा अधिकृत, लाइसेंस प्राप्त और साफ-सुथरी डेयरी से ही दुग्ध उत्पाद खरीदें। अगर आपको अपने इलाके में बिकने वाले दूध या किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट का जरा भी शक होता है, तो तुरंत बिना डरे FDA के टोल-फ्री नंबर या नजदीकी कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों ने साफ किया है कि ज़ब्त किए गए दूध के सैंपल्स को एडवांस लैब टेस्ट के लिए भेजा गया है। जैसे ही अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट आएगी, आरोपी डेयरी संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।