---Advertisement---

विधानसभा में 12वीं तक मुफ्त शिक्षा की मांग, वसई की विधायक ने उठाए गंभीर मुद्दे |

---Advertisement---

सदन में गूंजी शिक्षा के अधिकार की मांग

महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो चुका है और इस दौरान शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दे सदन में गूंज रहे हैं। वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने गुरुवार को औचित्य के प्रश्न के माध्यम से राज्य में शिक्षा के अधिकार को लेकर एक बड़ी मांग उठाई।

12वीं तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की मांग

विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने राज्य सरकार से मांग की है कि राज्य के प्रत्येक विद्यार्थी को बारहवीं कक्षा तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार यानी आरटीई कानून की उम्र सीमा को वर्तमान में छह से चौदह वर्ष तक है, उसे बढ़ाकर छह से अठारह वर्ष तक किया जाए, ताकि हर बच्चे को 12वीं तक शिक्षा मिल सके।

9वीं-10वीं में स्कूल छोड़ने वालों पर चिंता

सदन के अंदर विधायक ने नौवीं और दसवीं कक्षा में बढ़ती हुई स्कूल ड्रॉपआउट दर पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सरकार से इस गंभीर समस्या को रोकने के लिए प्रभावी और ठोस योजनाएं बनाने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नीति आयोग की सिफारिशों को राज्य में पूरी तरह से और प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग की।

पालघर में संविदा शिक्षकों के वेतन का संकट

एक और अहम मुद्दा पालघर जिले से जुड़ा सामने आया। विधायक ने सदन में बताया कि पालघर जिले में संविदा यानी कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। इस आर्थिक संकट के कारण वहां नौवीं और दसवीं की कक्षाओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विधायक ने सरकार से मांग की कि इस मामले में तुरंत निर्णय लिया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।

विधायक ने सदन में स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित करना और उन्हें बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से इन सभी मांगों पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---
Rajesh