रिपोर्टर: शम्भू विश्वकर्मा
स्थान: सराय ख्वाजा, जौनपुर
सराय ख्वाजा (जौनपुर): कहते हैं कि समय पर उठाई गई एक सतर्कता कई जिंदगियों को बचा सकती है, लेकिन जब जिम्मेदार महकमा हादसों के बाद जागे तो नुकसान की भरपाई नामुमकिन हो जाती है। ऐसा ही एक मामला जौनपुर के सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ भकुरा गांव के पास शारदा सहायक नहर पुल पर फैले बालू को आखिरकार विभाग ने हटा दिया है। सड़क साफ होने से आवागमन तो आसान हो गया है, लेकिन लोगों में इस बात का आक्रोश है कि यदि यह कदम पहले उठाया जाता, तो मोहम्मद वसीम हैदर की जान न जाती।
अंधे मोड़ पर बिछा था मौत का जाल
स्थानीय निवासियों ने बताया कि नहर विभाग द्वारा शारदा सहायक नहर पुल की मरम्मत के लिए सड़क पर भारी मात्रा में बालू डंप कर दिया गया था। मरम्मत स्थल के पास ही एक तीव्र अंधा मोड़ है। सड़क के आधे से अधिक हिस्से पर बालू पड़ा होने के कारण सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते थे और ब्रेक लगाते ही गाड़ियां अनियंत्रित हो जाती थीं। इससे पहले भी कई बाइक सवार यहाँ गिरकर घायल हो चुके थे।
भीषण भिड़ंत में गई थी 50 वर्षीय व्यक्ति की जान
इसी लापरवाही का नतीजा बीते दिनों देखने को मिला जब भकुरा पुल पर दो बाइकों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। हादसे में आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र (ग्राम शिसवारा) के निवासी 50 वर्षीय मोहम्मद वसीम हैदर गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद से ही मृतक के परिवार और क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
अखबार में खबर छपते ही हरकत में आया विभाग
इस जनसमस्या और विभागीय लापरवाही को लेकर जब ‘तेजस टुडे’ समाचार पत्र में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, तो हड़कंप मच गया। खबर का संज्ञान लेते हुए विभागीय जिम्मेदारों ने तत्परता दिखाई और अगले ही दिन सड़क पर पड़े बालू को पूरी तरह से साफ करवा दिया।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
सड़क से बालू हटने के बाद राहगीरों और वाहन चालकों ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन उनका कहना है कि यदि प्रशासन शिकायतों पर पहले ही ध्यान दे देता तो आज मोहम्मद वसीम हैदर जीवित होते। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।