ब्यूरो चीफ: दिलीप कुमार (तृप्ति प्रमाण)
स्थान: मुंगराबादशाहपुर, जौनपुर
मुंगराबादशाहपुर (जौनपुर): मुंगराबादशाहपुर स्थित सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही से एक अल्पायु युवक की मौत ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला पत्रकार साथी सूरज विश्वकर्मा के भाई की सर्पदंश के बाद हुई मौत से जुड़ा है।
परिजनों का आरोप: समय पर नहीं मिला इलाज
परिजनों का आरोप है कि सर्पदंश के शिकार युवक को समय रहते अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की हीलाहवाली और सही इलाज न मिलने के कारण उसकी जान चली गई। घटना के बाद परिजनों के भारी आक्रोश को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. गंगा राम ने आरोपी डॉक्टर ओम प्रकाश का तबादला कर दिया है।
क्या महज ट्रांसफर ही न्याय है?
प्रशासनिक स्तर पर डॉक्टर का ट्रांसफर कर देने से मामला शांत कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन आम जनता और पीड़ित परिवार इससे संतुष्ट नहीं है।
- समान कार्रवाई की मांग: लोगों का कहना है कि किसी निजी अस्पताल में ऐसी घटना होने पर पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करती है, तो फिर सरकारी डॉक्टर को केवल तबादले की छूट क्यों?
- जांच के मुख्य बिंदु: परिजनों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय मेडिकल जांच हो कि मरीज को कब देखा गया, एंटी-वेनम और अन्य जीवन रक्षक दवाएं दी गईं या नहीं, और क्या रेफर करने में देरी की गई।
यदि मेडिकल जांच में डॉक्टरी लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस में कानूनी मामला भी दर्ज होना चाहिए।