वसई तालुका के कामण स्थित जिला परिषद मराठी केंद्र विद्यालय में जूनियर कॉलेज (11वीं-12वीं) शुरू करने की मांग को लेकर अधिवक्ता दिनेश म्हात्रे ने विधायक सौ. स्नेहा दुबे-पंडित को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि कामण जिला परिषद केंद्र शाला में वर्ष 2017 से 10वीं कक्षा संचालित की जा रही है और हर साल विद्यालय का परिणाम सराहनीय रहा है। इस वर्ष भी 10वीं का रिजल्ट 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया। विद्यालय में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज तथा कारखानों में काम करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
कामण क्षेत्र में मराठी माध्यम की तीन माध्यमिक शालाएं तथा कुछ अंग्रेजी माध्यम के स्कूल मौजूद हैं, जहां से हर वर्ष 500 से अधिक विद्यार्थी 10वीं उत्तीर्ण होते हैं। लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को वसई, विरार अथवा अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में जाना पड़ता है। 11वीं में प्रवेश के लिए भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता है। कई विद्यार्थियों को समय पर प्रवेश नहीं मिल पाने के कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही रुक जाती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि निजी कॉलेजों की फीस और रोजाना यात्रा का खर्च गरीब परिवारों के लिए भारी पड़ता है। इसी वजह से कई पालक अपने बच्चों को आगे की शिक्षा के लिए नहीं भेज पाते। परिणामस्वरूप कुछ विद्यार्थी कम उम्र में काम पर लग जाते हैं, जबकि कई छात्राओं की जल्द शादी कर दी जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि कामण, पोमण, नागले, देवदल, कोल्ही और चिंचोटी जैसे गांवों के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 20 से 25 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है। इससे समय और धन दोनों की हानि होती है तथा विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई से भटकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के नागरिकों और पालकों ने कामण केंद्र विद्यालय में इसी वर्ष से 11वीं कक्षा शुरू करने तथा प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है। उनका मानना है कि यदि यहां जूनियर कॉलेज शुरू होता है तो गरीब और ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का रास्ता आसान हो जाएगा।
विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जिला परिषद पालघर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से संपर्क कर मामले में शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
तृप्ति प्रमाण। राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक संवाददाता: साहिल यादव