---Advertisement---

कसौली में आईटीआई कर्मचारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, एक देश एक पदनाम और वेतन उन्नयन पर बनी सहमति |

---Advertisement---

तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद |
हिमाचल प्रदेश के कसौली में ऑल इंडिया यूनाइटेड फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट आईटीआई एम्प्लाइज एसोसिएशन्स का दो दिवसीय चतुर्थ त्रिवार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन 23 और 24 अप्रैल को शिवालिक होटल में आयोजित किया गया। देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए प्रतिनिधियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया और आईटीआई कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद फेडरेशन के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वर्गीय एम के अग्रवाल की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि हरियाणा के पूर्व प्राचार्य बृजलाल ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आईटीआई कर्मचारी देश के कौशल विकास मिशन की मजबूत नींव हैं। उनकी समस्याओं का समाधान केवल संगठनात्मक एकजुटता के माध्यम से ही संभव है।
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेजर विनय कुमार ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि संगठन कर्मचारियों के अधिकारों, वेतन संबंधी विसंगतियों और सेवा शर्तों में सुधार के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करेगा।
सम्मेलन में लिए गए प्रमुख निर्णय:


एक देश, एक पदनाम नीति को लागू करने पर बल
अनुदेशक एवं वर्ग अनुदेशक पदों के लिए आठवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन उन्नयन की मांग
सभी राज्यों में एक समान सेवा नियम लागू करने का प्रस्ताव
पदोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर सहमति
इन मुद्दों पर संबंधित प्राधिकारियों को सशक्त प्रतिवेदन भेजने का निर्णय
हिमाचल प्रदेश आईटीआई टेक्निकल एम्प्लाइज एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष एवं फेडरेशन के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष ज्ञानचंद संख्यान ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे तेज बदलावों के मद्देनजर आईटीआई प्रशिक्षकों को सशक्त बनाना, उनके हितों की रक्षा करना और आधुनिक संसाधनों से जोड़ना संगठन की प्राथमिकता होगी।
राष्ट्रीय वित्त सचिव तेजिंद्र सिंह कांबोज ने संगठन के विस्तार और संसाधन प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि इनके प्रभावी उपयोग से ही कर्मचारियों के हितों की बेहतर ढंग से रक्षा की जा सकती है।
बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव सह बिहार राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के मुख्य संरक्षक प्रेमचंद कुमार सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि देशभर के कर्मचारियों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा, तभी उनकी मांगों को प्रभावी ढंग से लागू कराया जा सकेगा।
राष्ट्रीय महासचिव विनोद शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि अधिकारों की मांग तभी नैतिक रूप से मजबूत और प्रभावी बन सकेगी, जब प्रत्येक कर्मचारी पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा।
सम्मेलन का मंच संचालन राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व प्रिंसिपल विनोद शेखावत द्वारा सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। इस अवसर पर लेखराज शर्मा, शशिभूषण आर्य, मनोज कुमार, चंडी प्रसाद यादव, अमृत लाल शर्मा, श्रवण कुमार तथा जेल्ला कोटेश्वर राव सहित अन्य पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।
सम्मेलन में आईटीआई कर्मचारियों की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर गहन मंथन किया गया। आगामी तीन वर्षों के रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया और संगठनात्मक सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया गया।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---
Rajesh