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गुटखा माफिया पर महाराष्ट्र सरकार का सख्त शिकंजा, अब मकोका के तहत होगी कार्रवाई |

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तृप्ति प्रमाण राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए महाराष्ट्र सरकार का गुटखा माफिया के खिलाफ बड़ा ऐक्शन प्लान। राज्य में प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू उत्पादों के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। अब इस धंधे से जुड़े संगठित गिरोहों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी मकोका के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य के अन्न एवं औषध प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाळ ने इस बड़े फैसले की जानकारी दी है।

संगठित गिरोहों पर कसेगा मकोका का शिकंजा

मंत्री नरहरी झिरवाळ के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे। इसके बाद अन्न एवं औषध प्रशासन ने ठोस कदम उठाते हुए सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे के सख्त आदेश के मुताबिक, गुटखा, तंबाकू या निकोटीनयुक्त पान मसाले के अवैध व्यापार में शामिल संगठित नेटवर्क पर मकोका लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सिर्फ दुकानदार नहीं, पूरी रैकेट में हैं शामिल बड़े लोग

जांच एजेंसियों के सामने जो तथ्य आए हैं, वे इस रैकेट की पोल खोलते हैं। सामने आया है कि यह काम सिर्फ छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं है। निर्माता, सप्लायर, फंडिंग करने वाले, ट्रांसपोर्टर, गोदाम मालिक और थोक व्यापारी मिलकर एक बड़ा रैकेट चला रहे हैं। ये लोग फर्जी दस्तावेज, डमी कंपनियां, बेनामी संपत्ति और गुप्त गोदामों का इस्तेमाल कर अंतरराज्यीय स्तर पर गुटखे की सप्लाई करते हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे संगठित अपराध को सिर्फ खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में नहीं रखा जा सकता, इसलिए मकोका के तहत सख्त कार्रवाई जरूरी है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा है मुख्य उद्देश्य

मंत्री झिरवाळ ने बताया कि राज्य में गुटखा पर पूरी तरह से प्रतिबंध होने के बावजूद स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक जगहों के आसपास इसकी बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। युवा पीढ़ी और आम जनता के स्वास्थ्य को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। यह फैसला गुटखा माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और कड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

कानून में पहले से मौजूद हैं सजा के प्रावधान

अन्न सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत भी असुरक्षित खाद्य पदार्थों का कारोबार गंभीर अपराध है। इसकी धारा 59 में जेल की सजा का प्रावधान है, तो वहीं धारा 64 के तहत दोबारा अपराध साबित होने पर और भी सख्त सजा दी जाती है। मकोका लगने से इन अपराधियों के लिए जमानत मिलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा और उनकी संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान है।

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Rajesh