लखीसराय। बिहार के लखीसराय जिले में नीट परीक्षा की शुचिता को भंग करने वाली एक बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मेडिकल छात्रों और बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों समेत कुल 24 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा पास करवाने के लिए 30 से 40 लाख रुपये की डील हुई थी।
गुप्त सूचना पर अलर्ट हुआ प्रशासन
तृप्ति प्रमाण न्यूज़ के ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद के अनुसार, लखीसराय के एसडीएम शिवम कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि बाहरी जिलों से कुछ डमी कैंडिडेट परीक्षा देने के लिए लखीसराय पहुंच रहे हैं। इस सूचना के बाद जिला और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
हसनपुर केंद्र पर पकड़ा गया संदिग्ध
जांच के दौरान हसनपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर एक युवक के प्रवेश को लेकर पुलिस को शक हुआ। कड़ी पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह किसी और अभ्यर्थी की जगह डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा देने आया है। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को हिरासत में लिया, जो बाद में बढ़कर 24 हो गई।
बड़े मेडिकल कॉलेजों के छात्र और बायोमेट्रिक स्टाफ शामिल
हिरासत में लिए गए लोगों में पटना मेडिकल कॉलेज के तीसरे वर्ष के एमबीबीएस छात्र मयंक कश्यप और गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के छात्र अर्पित राज शामिल हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि यह गैंग काफी बड़ा है। इसमें दिल्ली, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, एम्स और रायबरेली के मेडिकल छात्र या इंटर्न भी शामिल हैं। इसके अलावा, परीक्षा प्रक्रिया को संभालने वाली बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है।
40 लाख की डील और आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, डमी कैंडिडेट को बैठाने के लिए 30 से 40 लाख रुपये का लेन-देन तय हुआ था। लखीसराय की एसपी प्रेरणा कुमार ने बताया कि केंद्र अधीक्षकों की लिखित शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। जांच जारी है और पुलिस का मानना है कि इस रैकेट के मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने पर अन्य बड़े नाम सामने आ सकते हैं। वहीं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक की खबरों को खारिज किया है और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है।