महाराष्ट्र की तर्ज पर केंद्र में भी 33 जातियों को ओबीसी आरक्षण देने की मांग |

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उरण, 7 अक्टूबर: महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण का लाभ प्राप्त कर रही 33 जातियों को केंद्र सरकार की केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर ओबीसी महाराष्ट्र कृति समिति ने आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है। समिति के अध्यक्ष श्रावण फरकाडे ने चेतावनी दी कि यदि मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनजर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल होने का मुद्दा केंद्र स्तर पर मिलने वाले आरक्षण और संबंधित सुविधाओं से जुड़ा है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) महाराष्ट्र के लिए केंद्रीय ओबीसी सूची अलग से प्रकाशित करता है।

रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को रायगढ़ जिले के उरण स्थित आनंदी होटल, कोटनाका में कराडी समाज की ओर से समिति की कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय ओबीसी सूची में 33 जातियों को शामिल कराने के लिए अब तक किए गए पत्राचार, शासन स्तर पर हुई बैठकों और आगामी रणनीति की समीक्षा की गई।

श्रावण फरकाडे ने कहा कि केंद्रीय सूची में शामिल न होने के कारण संबंधित समुदायों को केंद्रीय शैक्षणिक प्रवेश, सरकारी नौकरियों, छात्रवृत्तियों और अन्य केंद्रीय योजनाओं में अपेक्षित ओबीसी लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सभी 33 जातियों को एकजुट होकर साझा आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता बताई।

पूर्व सांसद अमन कुमार नागरा ने भी ओबीसी समाज को समर्थन देते हुए दिल्ली में संबंधित मंत्रियों और मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ बैठक कराने तथा समस्या के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

बैठक में कार्याध्यक्ष राम खरपूरिया लोधी, सचिव दीपक नेवे, संरक्षक नामदेव राउत, पूर्व प्राचार्य पी.आर. बडगुजर, जी.एम. पाटील, प्रो. शालिक नेवारे, एड. मदन गोवारी, आशाद शेख, मकसूद शेख, गुल मोहम्मद खान सहित विभिन्न ओबीसी समाजों के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र सरकार की ओबीसी संबंधी राज्य सूची और केंद्र की केंद्रीय ओबीसी सूची अलग-अलग व्यवस्थाओं के तहत संचालित होती हैं। इसलिए 33 जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल करने की मांग पर अंतिम निर्णय संबंधित केंद्रीय प्रक्रिया के अनुसार होगा।

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