वसई: वसई तालुका में नए प्राथमिकता परिवार (PHH) और गैर-प्राथमिकता परिवार (NPH) राशन कार्ड बनाने के नाम पर गरीब और सामान्य नागरिकों से कथित तौर पर हजारों रुपये वसूले जाने का मामला सामने आया है। शिवसेना वसई विधानसभा संघटक प्रथमेश बांदेकर ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

बांदेकर ने इस संबंध में मंत्रालय में पालघर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. हेमंत सवरा से मुलाकात कर उन्हें लिखित निवेदन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि वसई-विरार और नालासोपारा क्षेत्र के कुछ महा ई-सेवा केंद्रों पर निर्धारित शुल्क के बजाय नागरिकों से कथित रूप से अतिरिक्त राशि मांगी जा रही है।
उन्होंने इस पूरे मामले में तालुका पुरवठा अधिकारी भागवत सोनार की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की है।
प्रथमेश बांदेकर ने मांग की कि भागवत सोनार के कार्यकाल में जारी किए गए PHH और NPH राशन कार्डों की स्वतंत्र जांच कराई जाए और पिछले एक वर्ष का ऑडिट भी कराया जाए। इसके साथ ही जिन महा ई-सेवा केंद्रों के खिलाफ शिकायतें सामने आई हैं, उनके लाइसेंस की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
बांदेकर के अनुसार, सांसद डॉ. हेमंत सवरा ने मामले में व्यक्तिगत रूप से ध्यान देकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा करने और उचित कार्रवाई के लिए सहयोग का आश्वासन दिया है।
हालांकि, राशन कार्ड के नाम पर कथित अवैध वसूली और संबंधित अधिकारी की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं है। मामले में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




