मुंबई:
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की हाल ही में संपन्न हुई महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के न्यायिक, प्रशासनिक और तकनीकी विकास को नई दिशा देने वाले कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट द्वारा लिए गए इन निर्णयों में कृषि क्षेत्र में आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग से लेकर स्पेशल कोर्ट्स के गठन और अवैध उत्खनन पर नकेल कसने जैसे सख्त कदम शामिल हैं।
कृषि में एआई क्रांति: ‘प्रबंध निदेशक’ पद को स्वीकृति
राज्य में कृषि व्यवस्था को हाई-टेक बनाने के लिए ‘महाअॅग्री-एआई नीति’ के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं एग्रीटेक नवाचार केंद्र के दफ्तर में ‘प्रबंध निदेशक’ (Managing Director) के नए पद के सृजन को हरी झंडी दे दी गई है। इस कदम से किसानों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल नवाचार का सीधा लाभ मिलेगा।
पुणे में NDPS स्पेशल कोर्ट, कर्जत और कुर्डुवाडी में नए न्यायालय
ड्रग्स और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों पर नकेल कसने के लिए पुणे में ‘NDPS एक्ट 1985’ के तहत विशेष अदालत की स्थापना की जाएगी।
इसके अलावा, अहिल्यानगर जिले के कर्जत में नया जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय और सोलापुर जिले के कुर्डुवाडी में दिवाणी न्यायालय (कनिष्ठ स्तर) एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम वर्ग न्यायालय स्थापित करने के साथ-साथ आवश्यक प्रशासनिक पदों को भी मंजूरी दी गई है।
5 जिलों में SC-ST अत्याचार निवारण के लिए विशेष अदालतें
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए राज्य के 5 प्रमुख जिलों—अहिल्यानगर, परभणी, सोलापुर, नांदेड और यवतमाल में Exclusive Special Courts (अनन्य विशेष न्यायालय) बनाए जाएंगे।
चुनाव प्रत्याशियों को राहत: जाति वैधता प्रमाणपत्र की समयसीमा में विस्तार
स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षित सीटों से चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्यों को जाति वैधता प्रमाणपत्र (Caste Validity Certificate) जमा करने के लिए अतिरिक्त समय देने हेतु संबंधित अधिनियमों में संशोधन के लिए अध्यादेश (Ordinance) जारी करने का फैसला लिया गया है।
मुंबई रेल विकास महामंडल की पूंजी में भारी इजाफा
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन व्यवस्था के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मुंबई रेल विकास महामंडल लिमिटेड (MRVC) की अधिकृत शेयर पूंजी को 25 करोड़ रुपये से सीधे बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई है। साथ ही चुकता शेयर पूंजी को भी 225 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जाएगा।
अवैध उत्खनन और परिवहन पर 10 गुना तक पेनल्टी
पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की लूट रोकने के लिए महाराष्ट्र जमीन राजस्व संहिता, 1966 की धारा 48(7) में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत गौण खनिजों (Minor Minerals) के अवैध खनन और परिवहन पर रॉयल्टी राशि का 10 गुना तक भारी-भरकम दंड वसूला जाएगा।