नवरात्रि से जारी जल संकट के बीच कई इलाकों में 48 से 72 घंटे बाद मिल रहा पानी; स्वीकृत 210 एमएलडी के मुकाबले करीब 180 एमएलडी आपूर्ति का दावा
भायंदर | रिपोर्ट: नटवर झा
मीरा-भायंदर शहर में पानी की किल्लत ने नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नवरात्रि से शुरू हुई जलापूर्ति की समस्या अब दिवाली जैसे त्योहार के दौरान भी बनी हुई है। शहर के कई इलाकों में लोगों को 48 से 72 घंटे बाद नलों में पानी मिल रहा है। कम दबाव के कारण पर्याप्त पानी नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में नागरिकों को जरूरत पूरी करने के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। खबर में टैंकरों के बढ़े हुए दामों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
दिवाली से पहले घरों में साफ-सफाई का काम शुरू हो जाता है। इस दौरान पानी की जरूरत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। लेकिन त्योहार के समय ही जलापूर्ति प्रभावित होने से नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है।
नवरात्रि और दशहरा के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
जानकारी के अनुसार, पिछले करीब 15 दिनों से शहर में जलापूर्ति की समस्या अधिक बनी हुई है। नवरात्रि और दशहरा जैसे त्योहारों के दौरान भी लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ा। कई परिसरों में दो से तीन दिनों के अंतराल पर पानी पहुंच रहा है। पानी का दबाव कम रहने के कारण उपलब्ध पानी भी जरूरत के मुताबिक नहीं मिल पा रहा है।
दिवाली नजदीक आने के साथ ही घरों की सफाई और अन्य घरेलू काम बढ़ गए हैं। ऐसे में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं होने से परिवारों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों के सामने सवाल है कि त्योहार के दौरान भी जल संकट से राहत कब मिलेगी।
210 एमएलडी स्वीकृत, करीब 180 एमएलडी आपूर्ति का दावा
खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, मीरा-भायंदर शहर के लिए 210 एमएलडी पानी स्वीकृत होने के बावजूद करीब 180 एमएलडी पानी की आपूर्ति होने की बात कही गई है। इसके साथ ही लगातार कटौती और कम दबाव की समस्या ने नागरिकों की परेशानी बढ़ाई है।
हालांकि, स्वीकृत मात्रा और वास्तविक आपूर्ति के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि तथा पानी की कटौती के कारणों की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त होना आवश्यक है।
टैंकरों पर निर्भरता, बढ़े दामों की शिकायत
नलों में नियमित पानी नहीं आने के कारण लोगों को टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। खबर में टैंकरों के बढ़े हुए दामों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। यदि नागरिकों को नियमित जलापूर्ति के अभाव में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, तो इस स्थिति में टैंकर दरों और उपलब्धता की जांच की मांग महत्वपूर्ण हो जाती है।
24 घंटे पानी के वादों पर सवाल
समाचार में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान 24 घंटे पानी की आपूर्ति का दावा करने वाले जनप्रतिनिधि मौजूदा संकट पर पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। इसमें मंत्री प्रताप सरनाईक और भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता का उल्लेख किया गया है।
नागरिकों की परेशानी को देखते हुए संबंधित जनप्रतिनिधियों और जलापूर्ति विभाग से मौजूदा स्थिति, कटौती के कारणों तथा स्थायी समाधान की योजना पर स्पष्टीकरण अपेक्षित है।
नागरिकों को स्थायी समाधान का इंतजार
दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के दौरान पानी की कमी परिवारों के रोजमर्रा के कामों को प्रभावित कर रही है। नागरिकों को नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति मिले, इसके लिए संबंधित प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने, आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करने और समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की अपेक्षा है।
रिपोर्ट: नटवर झा | भायंदर
संपादकीय नोट: 210 एमएलडी स्वीकृति, करीब 180 एमएलडी आपूर्ति, टैंकरों के दाम और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया से संबंधित दावों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध कराना खबर को और मजबूत करेगा।




