मुंबई। मानसून का मौसम अपने साथ सिर्फ ठंडी फुहारें और राहत ही नहीं लाता, बल्कि पुरानी यादों का कारवां, दिली सुकून और कुदरत का जादुई हुस्न भी लेकर आता है। इस रिमझिम मौसम के बीच टीवी और फिल्म जगत के कई जाने-माने कलाकारों ने बारिश से जुड़ी अपनी दिल के करीब रहने वाली यादों, पसंदीदा गीतों, खान-पान के शौकों और मानसून में बिताए जाने वाले कुछ बेहद खास पलों को खुलकर साझा किया।
‘रिमझिम गिरे सावन’ और अदरक वाली चाय: शुभांगी अत्रे
मशहूर अभिनेत्री शुभांगी अत्रे का कहना है कि बारिश की पहली फुहार उन्हें सीधे उनके बचपन के सुनहरे दिनों की यादों में ले जाती है। मानसून के दिनों में उन्हें हाथ में अदरक वाली गरमा-गर्म चाय का प्याला लेकर, पसंदीदा किताब पढ़ना और खिड़की से गिरती बूंदों को निहारना बेहद सुकून देता है। उनके लिए बारिश का सदाबहार गीत ‘रिमझिम गिरे सावन’ है, जबकि इस मौसम में कड़क चाय के साथ प्लेट में सजे गरमा-गर्म पकौड़े उनका ऑल-टाइम फेवरेट स्वाद हैं।
भागदौड़ भरी जिंदगी में सुकून का ब्रेक: अद्रिजा रॉय
अद्रिजा रॉय के मुताबिक, मानसून जिंदगी की थका देने वाली रफ्तार को कुछ पलों के लिए थाम देता है। बारिश के दिनों में वे घर पर रहना ज्यादा पसंद करती हैं—कॉफी की चुस्कियों के साथ अपनी पसंदीदा किताब पढ़ना, कुकिंग करना या सिर्फ आराम करना उन्हें पसंद है। संगीत की बात करें तो उन्हें ‘भीगी-भीगी रातों में’ गाना बेहद पसंद है। वहीं, खाने के टेबल पर बारिश के दौरान घी, पापड़ और अचार के साथ परोसी गई गरमा-गर्म खिचड़ी उनका पसंदीदा भोजन है।
प्रकृति की नई ऊर्जा और लोनावला की सैर: अंजलि फौगाट
अंजलि फौगाट का मानना है कि बारिश का यह मौसम प्रकृति को एक नई जिंदगी, ऊर्जा और ताजगी से भर देता है। इस सुहाने मौसम में वे संगीत सुनना, डायरी लिखना, किताबें पढ़ना और खूबसूरत पलों को कैमरे में कैद करना (फोटोग्राफी) पसंद करती हैं। मसाला चाय के साथ कुरकुरे पकौड़ों का आनंद लेने के अलावा, मानसून का लुत्फ उठाने के लिए महाराष्ट्र का ‘लोनावला’ उनका सबसे पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन है।
किसानों की खुशी और बारिश के पकौड़े: पल्लवी चटर्जी
पल्लवी चटर्जी का कहना है कि बारिश पूरे माहौल की रंगत को बदलकर रख देती है। यह मौसम हमारे अन्नदाताओं (किसानों) के लिए भी बेहद खास और महत्वपूर्ण होता है। बारिश के दिनों में वे घर के भीतर रहकर मधुर संगीत सुनना पसंद करती हैं। उनके दिल के सबसे करीब ‘रिमझिम गिरे सावन’ गीत है और वे मानसून में प्याज के पकौड़े या स्वादिष्ट खिचड़ी का स्वाद लेना पसंद करती हैं।
लॉन्ग ड्राइव और कूर्ग की हसीन वादियां: नेहा राणा
नेहा राणा के अनुसार, बारिश उनके बचपन की कई हसीन और अनमोल यादों को दोबारा जिंदा कर देती है। उन्हें चाय के घूंट के साथ किताबें पढ़ना, फिल्में देखना, संगीत में डूब जाना और रिमझिम बारिश के बीच लॉन्ग ड्राइव पर निकलना बेहद पसंद है। मानसून के प्लेलिस्ट में उनके पसंदीदा गानों में ‘तुम से ही’, ‘बारिश’, ‘कभी जो बादल बरसे’ और ‘सावन आया है’ शामिल हैं। वहीं, घूमने के लिए कर्नाटक का ‘कूर्ग’ उनका ड्रीम मानसून डेस्टिनेशन है।
कागज की नावें और बेफिक्र बचपन: सोनिया बंसल
सोनिया बंसल ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि बारिश उन्हें बचपन में पानी में चलाई जाने वाली कागज की नावों और उस बेफिक्र दौर की याद दिलाती है। वे इस मौसम में चाय की चुस्कियों के साथ किताबें पढ़ना, अपने परिवार के साथ फुर्सत के पल बिताना और हल्की फुहारों के बीच ड्राइव पर जाना पसंद करती हैं। फिल्म ‘जब वी मेट’ का ‘तुम से ही’ उनके लिए मानसून का सबसे खूबसूरत और रोमांटिक गीत है।
निष्कर्ष:
कलाकारों की इन मीठी बातों से यह बिल्कुल साफ है कि मानसून सिर्फ एक मौसम नहीं है, बल्कि यह खूबसूरत यादों, रूहानी सुकून, सुरीले संगीत और अपनों के साथ बिताए गए कुछ बेहद अनमोल और खास पलों का एक हसीन एहसास है। यही वजह है कि जब भी आसमान से बूंदें बरसती हैं, तो हर किसी के दिल में अपनी एक अलग कहानी और एक अनोखी खुशी जगा जाती हैं।