तृप्ति प्रमाण : मुंबई: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने चलती ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह ट्रेन की गति धीमी होने पर यात्रियों के हाथों पर फटका मारकर उनके मोबाइल फोन छीन लेता था। आरपीएफ की विशेष टीम ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 22 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
कैसे काम करता था गिरोह?
पश्चिम रेलवे के दोंडाईचा स्टेशन क्षेत्र में ट्रेनों की रफ्तार धीमी होने पर यह गिरोह सक्रिय होता था। आरोपी ट्रेन के दरवाजे के पास खड़े यात्रियों को निशाना बनाते थे। वे यात्रियों के हाथों पर फटका मार देते थे, जिससे दर्द के कारण यात्रियों का मोबाइल फोन नीचे गिर जाता था। इसके बाद आरोपी फोन उठाकर ले जाते थे। इस तरह की लगातार घटनाओं के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने इसका संज्ञान लिया।
RPF की विशेष टीम ने बिछाया जाल
पश्चिम रेलवे, मुंबई के महानिरीक्षक अजय कुमार सदानी और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त संतोष कुमार सिंह राठौड़ के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। निरीक्षक नंदुरबार की निगरानी में बनी इस टीम में उप निरीक्षक संतोष सोनी, एएसआई विकास चौधरी, कांस्टेबल नरेंद्र पाटिल, प्रियदर्शन और आसूचना विशेष शाखा के एएसआई विवेकानंद माली शामिल थे।
टीम ने पिछले एक महीने से संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखी। स्थानीय सूत्रों और खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि चोरी के मोबाइल खरीदने वाले चार अन्य लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
22 मोबाइल फोन बरामद और कानूनी कार्रवाई
आरपीएफ ने सभी 8 आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न कंपनियों के 22 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन फोन की कुल कीमत करीब 2 लाख 1 हजार रुपये है। सभी आरोपियों और बरामद सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) नंदुरबार को सौंप दिया गया है। जीआरपी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच पीएसआई संजय पाटिल द्वारा की जा रही है।
यात्रियों और नेताओं की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद दैनिक यात्रियों ने राहत महसूस की है। यात्रियों का कहना है कि चलती ट्रेन में दरवाजे के पास खड़े होकर यात्रा करने वाले लोग अक्सर इस तरह की घटनाओं से परेशान रहते थे। कांग्रेस नेता संजय मीणा ने भी आरपीएफ और जीआरपी की इस संयुक्त कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलना जरूरी है।
आरपीएफ की यात्रियों से अपील
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन के खुले दरवाजों या पायदान पर खड़े होकर यात्रा न करें। इसके अलावा, यात्री अपने मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित स्थान पर रखें। पुलिस के अनुसार, ट्रेन की गति धीमी होने पर असामाजिक तत्व आसानी से यात्रियों को निशाना बना सकते हैं, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है।