नालासोपारा में सफाई और जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल, नागरिक परेशान |

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तीन-चार दिन तक जमा रहता है कूड़ा, टैंकर के दाम ₹1,000 से बढ़कर ₹2,500 के पार होने का दावा; दूषित पानी मिलने की शिकायत

नालासोपारा। वसई-विरार महानगरपालिका के प्रभाग समिति ‘बी’ क्षेत्र में सफाई और जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर नागरिकों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नियमित रूप से नहीं पहुंचतीं, जबकि नलों से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे घरेलू खर्च बढ़ने के साथ सुरक्षित पेयजल को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

तीन-चार दिन तक जमा रहता है कूड़ा

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, क्षेत्र में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं है। कई बार गाड़ियां तीन से चार दिनों के अंतराल पर पहुंचती हैं, जिसके कारण घरों से निकलने वाला कचरा लंबे समय तक जमा रहता है।

नागरिकों का कहना है कि जमा कचरे से दुर्गंध फैलती है और मच्छरों की समस्या बढ़ती है। लोगों ने आशंका जताई है कि इससे मच्छरजनित और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

पानी की किल्लत, टैंकर के दाम में बढ़ोतरी का दावा

जलापूर्ति को लेकर भी क्षेत्र के नागरिकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि महानगरपालिका के पानी कर में बढ़ोतरी के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। जरूरत पूरी करने के लिए लोगों को निजी टैंकरों और बोतलबंद पानी पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि पहले जिस छोटे टैंकर के लिए करीब ₹1,000 देने पड़ते थे, अब उसी के लिए ₹2,500 से अधिक चुकाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा, कुछ नागरिकों ने कथित तौर पर दूषित पानी मिलने की शिकायत भी की है।

हालांकि, पानी की गुणवत्ता और टैंकरों के मौजूदा दामों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग द्वारा जांच और आवश्यक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

किशोर नाना पाटिल ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा

स्थानीय शिकायतों के बाद वार्ड क्रमांक 10 के नगर सेवक किशोर नाना पाटिल ने बुधवार सुबह संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान पानी विभाग के इंजीनियर, वाल्वमैन और सफाई विभाग के उपनिरीक्षक मौजूद रहे।

पाटिल ने जीजाई नगर, मोरगांव, ओम नगर और नवजीवन सहित विभिन्न इलाकों में नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सफाई और जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।

अब कार्रवाई का इंतजार

किशोर नाना पाटिल ने भरोसा जताया कि संबंधित विभागों के बीच समन्वय से नागरिकों की समस्याओं का जल्द निस्तारण किया जाएगा।

अब देखना होगा कि वसई-विरार महानगरपालिका कचरा संग्रहण को नियमित करने, पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने और दूषित पानी की शिकायतों की जांच के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाती है।

नोट: कचरा संग्रहण, टैंकरों के दाम और दूषित पानी से जुड़ी बातें स्थानीय नागरिकों की शिकायतों पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों की जांच से होनी चाहिए।

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