नालासोपारा। नालासोपारा पूर्व क्षेत्र स्थित आचोले तालाब के सामने बुधवार सुबह फर्नीचर दुकानों के पीछे जमा कचरे में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास की लकड़ी की फर्नीचर दुकानों के जलने का खतरा पैदा हो गया। हालांकि, वसई-विरार महानगरपालिका के अग्निशमन दल ने समय रहते पहुंचकर आग पर काबू पा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
आचोले तालाब के सामने लगी आग
जानकारी के अनुसार, आचोले तालाब के सामने चार से पांच फर्नीचर की दुकानें लकड़ी के शेड में संचालित होती हैं। इन दुकानों के पिछले हिस्से में बड़ी मात्रा में लकड़ी का बुरादा, लकड़ी के टुकड़े और अन्य ज्वलनशील कचरा जमा था। बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे इसी कचरे में अचानक आग लग गई। धुआं और लपटें देखते ही स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल पैदा हो गया।
लकड़ी के बुरादे से फैलने का खतरा
चूंकि दुकानों के पीछे लकड़ी का बुरादा और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, इसलिए आग तेजी से फैलने की आशंका थी। यदि आग की लपटें फर्नीचर की लकड़ी की दुकानों तक पहुंच जातीं, तो भारी नुकसान हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही वसई-विरार महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हो गई।
दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। प्रभाग ‘डी’ के अग्निशमन अधिकारी विशाल शिर्के ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग की टीम दो दमकल वाहनों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। जवानों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। उन्होंने बताया कि समय रहते आग को बुझा लिया गया, जिससे फर्नीचर दुकानों को नुकसान होने से बचा लिया गया।
जांच जारी
गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत या घायल होने की कोई खबर नहीं है। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है।