पालघर

पालघर में हरित महाराष्ट्र अभियान की शानदार रफ्तार, 4.88 लाख से अधिक पौधों का हुआ रोपण |

पालघर। जिले में इस वर्ष हुई अच्छी बारिश के चलते वृक्षारोपण के लिए बेहद अनुकूल माहौल बना हुआ है। ‘हरित महाराष्ट्र अभियान’ के तहत पालघर जिले में पौधारोपण का काम तेजी से चल रहा है। वर्ष 2026-27 के दौरान पूरे राज्य में एक करोड़ पेड़ लगाने के लक्ष्य के तहत पालघर जिले को 33.02 लाख पौधों का लक्ष्य मिला है। जिला प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अब तक जिले में 4,88,104 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया जा चुका है।

पर्याप्त बारिश से पौधों को मिलेगी संजीवनी प्रशासन का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जो नए रोपे गए पौधों के संरक्षण और तेजी से विकास के लिए बेहद मददगार साबित होगी। जिले के सभी सरकारी विभागों को उनकी उपलब्ध भूमि और स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया है, जिसकी नियमित आधार पर समीक्षा भी की जा रही है।

पिछले साल लक्ष्य से 6.44 लाख ज्यादा लगाए गए थे पौधे गौरतलब है कि बीते वर्ष 2025-26 में पालघर जिले को 38.40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। विभिन्न विभागों, स्थानीय निकायों और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से जिले में लक्ष्य से कहीं अधिक यानी कुल 44.84 लाख पौधे लगाए गए थे। पिछले साल मिली इस ऐतिहासिक सफलता से उत्साहित होकर जिला प्रशासन इस वर्ष भी तय लक्ष्य से अधिक वृक्षारोपण करने की दिशा में काम कर रहा है।

जिलाधिकारी की अपील और ‘अमृतवृक्ष’ ऐप का उपयोग जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने जिले के आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, हाउसिंग सोसायटियों और निजी कंपनियों से इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। इसके साथ ही, रोपे गए पौधों की ऑनलाइन ट्रैकिंग, निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने ‘अमृतवृक्ष’ ऐप का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने का आग्रह किया है।

मुख्य बिंदु:

  • वर्तमान लक्ष्य (2026-27): 33.02 लाख पौधे (अब तक 4,88,104 रोपित)।
  • पिछला रिकॉर्ड (2025-26): 38.40 लाख लक्ष्य के मुकाबले 44.84 लाख पौधे रोपे गए।
  • निगरानी: पौधों की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए ‘अमृतवृक्ष’ ऐप का उपयोग।
  • अपील: जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ द्वारा जनभागीदारी की अपील।

Sanjay Jaiswal

संपादक समाचार जगत की रीढ़ होते हैं, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रमाणिक जानकारी पाठकों तक पहुँचाते हैं। वे खबरों की गहन जाँच-पड़ताल कर समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।