मुंबई

महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, MIDC भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज करने के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कड़े निर्देश |

मुंबई। महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और राज्य में आने वाले भारी-भरकम निवेश को गति देने के लिए शिंदे-फडणवीस सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) की समीक्षा बैठक के दौरान भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सरल और तेज करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

उद्योगों को समय पर जमीन उपलब्ध कराना प्राथमिकता मुंबई स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य में नई औद्योगिक वसाहतों (Industrial Estates) का विस्तार तेजी से हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निवेशकों को आकर्षित करने और परियोजनाओं को समय पर शुरू कराने के लिए जमीन की समयबद्ध उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण कारक है। प्रशासनिक अड़चनों और वन अनुमतियों की प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

‘मिलाप’ ऑनलाइन प्रणाली से मिली पारदर्शिता, 5,502 करोड़ का राजस्व मुख्यमंत्री ने बताया कि भूखंडों के आवंटन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ‘मिलाप’ (MILAP) ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस प्रणाली के तहत आवेदन से लेकर ऑफर लेटर और आवंटन आदेश स्वचालित तरीके से जारी हो रहे हैं। 1 अक्टूबर 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच राज्य में रिकॉर्ड 1,183 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए, जिससे सरकार को 5,502 करोड़ रुपये का भारी राजस्व प्राप्त हुआ है।

66 हजार एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी राज्य के विभिन्न हिस्सों में फिलहाल लगभग 66,343 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रगति पर है। इसमें गडचिरोली, चंद्रपुर, नागपुर, पुणे, पालघर, छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे, रत्नागिरी, रायगढ़, नाशिक और वर्धा जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 97 सामंजस्य करारों (MoUs) के तहत लगभग 75,234 एकड़ जमीन की मांग दर्ज कराई गई है।

मुख्य बिंदु:

  • ‘मिलाप’ पोर्टल का असर: 1,183 भूखंडों का ऑनलाइन पारदर्शी आवंटन, ₹5,502 करोड़ की आय।
  • भूमि अधिग्रहण का दायरा: 66,343 एकड़ भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया 11 प्रमुख जिलों में जारी।
  • एमओयू (MoU) मांग: 97 करारों के तहत 75,234 एकड़ अतिरिक्त जमीन की मांग।
  • प्रशासनिक सुधार: वन अनुमतियों और प्रशासनिक देरी को खत्म कर सिंगल-विंडो स्पीड पर जोर।

Sanjay Jaiswal

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