पालघर: जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी और जिला सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ. इंदू रानी जाखड़ की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करने और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी बैठक
बैठक में एनएचएआई, पुलिस, आरटीओ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग और वसई-विरार महानगरपालिका के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर सड़कों पर सुरक्षा के प्रबंध पूरे करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में यह भी सामने आया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अनधिकृत मीडियन गैप दुर्घटनाओं का बड़ा कारण हैं। इसे रोकने के लिए संवेदनशील जगहों पर मेटल बीम और न्यू जर्सी क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।
छह नए फुटओवर ब्रिज का होगा निर्माण
पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने जिले में छह नए फुटओवर ब्रिज बनाने को मंजूरी दी है। ये पुल तलासरी, नीलगिरी होटल परिसर, आंबोली, खानीवडे, बापाणे और सासूनवघर में बनाए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि पहले से मंजूर किए गए 10 फुटओवर ब्रिजों का काम पूरा हो चुका है।
गोल्डन ऑवर में तुरंत मिलेगी चिकित्सा मदद
सड़क हादसों के तुरंत बाद मरीजों को बचाने के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ में चिकित्सा सुविधा पर खास जोर दिया गया है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के अहम स्थानों पर छह एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। इनमें चार बेसिक और दो एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। ये वाहन तलासरी, चारोटी, दुर्वेज, खानीवडे, चिंचोटी और सासूनवघर में 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा हर 30 किलोमीटर पर चार गश्ती वाहन भी तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति में राहत दल 5 मिनट के अंदर मौके पर पहुंचे।
मेंढवण घाट और अवैध पार्किंग पर लगेगी रोक
बैठक में मेंढवण घाट की सड़क सुरक्षा की भी समीक्षा की गई। यहां दुर्घटनाएं रोकने के लिए रंबल स्ट्रिप्स, स्ट्रीट लाइट और शेवरॉन बोर्ड लगाए जा चुके हैं। स्थायी इंतजाम के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा गया है। मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यातायात के अध्ययन के आधार पर पक्का इंतजाम किया जाएगा। इसके साथ ही हाइवे के किनारे मलबा फेंकने और वाहनों की अवैध पार्किंग पर भी नकेल कसने के निर्देश दिए गए हैं।
घायलों को मिलेगा तुरंत इलाज
सड़क हादसों में घायल लोगों को तुरंत कैशलेस इलाज मुहैया कराने के लिए ‘राह-वीर’ और ‘पीएम राहत’ योजनाओं का प्रचार करने का फैसला लिया गया है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अगले तीन महीने के अंदर एक माइक्रो प्लान बनाने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।