पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव चर्चा का केंद्र बना हुआ है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस सीट से चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। पार्टी ने आज आधिकारिक तौर पर प्रशांत किशोर को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। यह चुनाव प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी ‘जन सुराज’ की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा मानी जा रही है। पार्टी ने इसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के कामकाज पर एक जनमत संग्रह के रूप में पेश किया है।
जन सुराज की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा
राजनीतिक गलियारों में इस उपचुनाव को काफी अहम माना जा रहा है। प्रशांत किशोर लगातार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली और राज्य के कानून-व्यवस्था, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं। उनका मानना है कि यह चुनाव ‘नेता बनाम जनता’ के बीच है। प्रशांत किशोर का तर्क है कि अगर बांकीपुर की जनता भाजपा को हराती है, तो यह संदेश सीधे दिल्ली के नेतृत्व तक जाएगा कि राज्य की जनता वर्तमान सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है।
1995 से भाजपा का गढ़ रही है बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 1995 से भारतीय जनता पार्टी का लगातार कब्जा रहा है। नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और उनके पुत्र नितिन नवीन, जो वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, ने इस सीट पर दशकों तक अपना प्रभाव बनाए रखा है। नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट रिक्त हो गई है, जिसके कारण यह उपचुनाव हो रहा है। कायस्थ मतदाता और प्रभावशाली व्यापारी वर्ग को यहां भाजपा का पारंपरिक और मजबूत आधार माना जाता है।
कब होगी वोटिंग और कब आएंगे नतीजे?
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा। वहीं, वोटों की गिनती और अंतिम परिणाम 3 अगस्त 2026 को घोषित किए जाएंगे। यह उपचुनाव न केवल बांकीपुर के लिए, बल्कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की राजनीतिक दिशा तय करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद