महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बाजार; ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को मिलेगी गति
पालघर, 17 अक्टूबर 2026 | रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण
पालघर जिला परिषद में शुरू किए गए ‘उमेद मार्ट’ का उद्घाटन 17 अक्टूबर को पालकमंत्री गणेश नाईक के हाथों किया गया। इस मार्ट के माध्यम से जिले के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उद्घाटन समारोह में पालकमंत्री गणेश नाईक ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘उमेद मार्ट’ ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में उपयोगी साबित होगा।
इस अवसर पर विधायक राजेंद्र गावित, प्रसिद्ध तारपा वादक पद्मश्री भिकल्या धिंडा, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश निकम, जिलाधिकारी डॉ. इंदुराणी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र पाटील, पूर्व कृषि सभापति संदीप पावडे, जिला परिषद की पूर्व सदस्य नीता पाटील और भावना विचारे प्रमुख रूप से उपस्थित थीं।
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा व्यावसायिक मंच
जिला ग्रामीण विकास तंत्र और जिला परिषद पालघर के माध्यम से ‘उमेद मार्ट’ की शुरुआत की गई है। यहां महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न वस्तुओं का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के कौशल को व्यावसायिक मंच उपलब्ध कराना, उनके उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाना और बिक्री के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने के अवसर प्रदान करना है।
‘उमेद मार्ट’ के जरिए महिलाएं केवल उत्पाद बनाने तक सीमित न रहकर उनके विपणन और व्यवसाय के विस्तार की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
खाद्य पदार्थ, वारली चित्रकला और हस्तशिल्प की वस्तुएं उपलब्ध
‘उमेद मार्ट’ में विभिन्न खाद्य पदार्थों, वारली चित्रकला, लकड़ी पर नक्काशी से बनी कलाकृतियों, हस्तशिल्प की वस्तुओं, आभूषणों और अन्य स्थानीय उत्पादों की बिक्री की जाएगी।
जिला परिषद परिसर में मार्ट शुरू होने से सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और आम नागरिकों को स्थानीय उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा। इससे महिला स्वयं सहायता समूहों को ग्राहक मिलने और उनके उत्पादों की बिक्री बढ़ने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय स्तर पर तैयार वस्तुओं को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करने और बेचने की व्यवस्था से ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
‘उमेद मार्ट’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के कौशल को बाजार से जोड़ने की पहल की गई है। स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाना, महिलाओं को व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करना इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं।
यह पहल महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती है। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण




