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पटना हाई कोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश बनीं न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय, राज्यपाल ने दिलाई शपथ |

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तृप्ति प्रमाण न्यूज़ ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद

पटना। न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने शुक्रवार को पटना उच्च न्यायालय की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ले ली है। बिहार लोकभवन में आयोजित एक औपचारिक समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के साथ ही उन्होंने औपचारिक रूप से अपने पद का कार्यभार संभाल लिया है।

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए राज्य के शीर्ष नेता

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और मंत्री राम कृपाल यादव सहित न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई गणमान्य हस्तियों ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की। शपथ ग्रहण के बाद उपस्थित सभी अतिथियों ने न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।

न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू के बाद संभाला पदभार

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू के सेवानिवृत्त होने के बाद यह महत्वपूर्ण दायित्व संभाला है। इस पद को ग्रहण करने के साथ ही वह पटना उच्च न्यायालय की दूसरी महिला मुख्य न्यायाधीश बन गई हैं।

सिक्किम उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश रहीं

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को सिक्किम में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से वर्ष 1989 में कानून की डिग्री (एलएलबी) प्राप्त की। न्यायिक सेवा में उनके शानदार योगदान को देखते हुए 15 अप्रैल 2015 को उन्हें सिक्किम उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। वह सिक्किम उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश भी रहीं। मुख्य न्यायाधीश बनने से पहले वह कई बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

जुलाई 2026 तक रहेगा कार्यकाल

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय का पटना हाई कोर्ट में कार्यकाल अपेक्षाकृत संक्षिप्त रहेगा, क्योंकि उनका जन्मदिन 12 जुलाई को होने के कारण वह 12 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हो जाएंगी। हालांकि, न्यायिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और प्रशासनिक कुशलता को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि उनके कार्यकाल में पटना उच्च न्यायालय के न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों को एक नई और सकारात्मक दिशा मिलेगी।

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Rajesh