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ठाणे सहकारी बैंक की सत्ता पर महायुति का दावा, रवींद्र चव्हाण के बयान से सहकार पैनल की खुशी पर फिरा पानी! |

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ठाणे, तृप्ति प्रमाण: ठाणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के हालिया संपन्न हुए चुनावी परिणामों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया और रोचक मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक नतीजों में बहुजन विकास आघाड़ी (BVA) समर्थित ‘सहकार पैनल’ की शानदार जीत को एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा था। हालांकि, अब महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के एक बड़े बयान ने इस पूरी तस्वीर को पलट दिया है।

महायुति का बड़ा दावा और चुनावी गणित

विरार में मीडिया से बातचीत के दौरान रवींद्र चव्हाण ने स्पष्ट किया कि ठाणे बैंक की सत्ता पर अंततः महायुति का ही नियंत्रण होगा। उन्होंने चुनावी गणित को समझाते हुए बताया कि 21 संचालक पदों में से भाजपा के 8 और शिवसेना (शिंदे गुट) के 5 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इस प्रकार, महायुति के खाते में कुल 13 संचालक पद आए हैं, जो कि स्पष्ट बहुमत के लिए पर्याप्त है।

दो पैनलों से क्यों उतरे थे उम्मीदवार?

बहुजन विकास आघाड़ी के पैनल से उम्मीदवारों की जीत पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए चव्हाण ने बताया कि ‘सहकार पैनल’ और ‘परिवर्तन पैनल’ दोनों में महायुति के ही प्रत्याशी शामिल थे। चूंकि महायुति के सभी प्रमुख नेताओं को एक ही पैनल में समायोजित करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था, इसलिए रणनीतिक फैसले के तहत उम्मीदवारों को दोनों पैनलों में बांट दिया गया था।

अध्यक्ष पद को लेकर क्या होगी रणनीति?

बहुमत हासिल करने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल अध्यक्ष पद को लेकर है। रवींद्र चव्हाण ने इस बात की पुष्टि की है कि बैंक का अध्यक्ष महायुति में से ही बनेगा। उन्होंने बताया कि पद के बंटवारे और कार्यकाल को लेकर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में महायुति के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। संभावना है कि पहले ढाई साल के लिए अध्यक्ष का चयन किया जाएगा और उसके बाद पद का (Rotation) होगा।

बीवीए की जीत पर उठे सवाल

भाजपा अध्यक्ष के इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है। माना जा रहा है कि भले ही ‘सहकार पैनल’ ने चुनाव में बढ़त बनाई हो, लेकिन 13 संचालकों के समर्थन के साथ महायुति बैंक की कमान संभालने में सफल रहेगी, जिससे बहुजन विकास आघाड़ी की जीत की दावेदारी कमजोर पड़ती नज़र आ रही है।

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Rajesh