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बिहार में ‘सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ: अब 30 दिन में शिकायत का निपटारा, सीएम सम्राट चौधरी की सीधी निगरानी |

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पटना ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद तृप्ति प्रमाण
बिहार में अब सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘सहयोग पोर्टल’ की शुरुआत करते हुए साफ किया है कि अब अधिकारियों की कार्यशैली पर सीधे निगरानी रखी जाएगी।
इस नई व्यवस्था के तहत, आम नागरिक अब ऑनलाइन ‘सहयोग पोर्टल’ पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा, ‘सहयोग हेल्पलाइन 1100’ भी शुरू की गई है, जो प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक सक्रिय रहेगी। सरकार के मुताबिक, अब लोगों को छोटी-मोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे बिना पूर्व सूचना के अचानक कार्यालयों और क्षेत्रों का निरीक्षण करें। उनका कहना है कि अपराध नियंत्रण हो या सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे, किसी भी मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक निगरानी को और सख्त बनाने के लिए आईटी विभाग की मदद से विभिन्न सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे थाना और अंचल स्तर पर कामकाज की वास्तविक स्थिति का आकलन संभव हो पाएगा।
नई व्यवस्था का एक अहम पहलू यह भी है कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिकों की शिकायतें मौके पर सुनी जाएंगी और यथासंभव तत्काल समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब किसी भी शिकायत का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य कर दिया गया है। शिकायत के समाधान के बाद संबंधित व्यक्ति को लिखित रूप में सूचित भी किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह पहल प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद का माध्यम बनेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे थानों, अंचल कार्यालयों और जिला स्तर पर कामकाज में जवाबदेही बढ़ेगी और आम लोगों की शिकायतों के निपटारे में गति आएगी।
फिलहाल, पोर्टल और हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में इसके प्रभाव का आकलन किया जाएगा।

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Rajesh