नए कार्यालय का उद्घाटन और कार्यप्रणाली की समीक्षा
बिहार के श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बुधवार को बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के नवीकृत कार्यालय का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद मंत्री ने आयोग की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की और बाल श्रमिकों के संरक्षण, पुनर्वास और कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आयोग को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने पर जोर दिया।
बाल श्रम उन्मूलन में मिली सफलता
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बाल श्रम उन्मूलन के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। आयोग की टीम समय-समय पर विभिन्न जिलों का दौरा कर समीक्षा करती है और बाल श्रम से संबंधित मामलों की बारीकी से निगरानी करती है। मंत्री के अनुसार, सरकार के इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और राज्य में बाल श्रम के मामलों में काफी कमी दर्ज की गई है।
तीन महीने में हर प्रखंड की तीन पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित करने का लक्ष्य
सरकार ने अब एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आगामी तीन महीनों के भीतर राज्य के प्रत्येक प्रखंड की तीन-तीन पंचायतों को बाल श्रम मुक्त पंचायत घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने बताया कि इस योजना की औपचारिक शुरुआत बहुत जल्द की जाएगी और इसके लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
समाज की सक्रिय भागीदारी की अपील
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सरकारी प्रयासों से इस गंभीर सामाजिक समस्या का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है। इसके लिए समाज के सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आम जनता से बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सहयोग करने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की हार्दिक अपील की।