विषय सूची में आवश्यक मंजूरी और हस्ताक्षर नहीं होने का आरोप; सभापति निलेश देशमुख ने दावों को किया खारिज
विरार, प्रतिनिधि : वसई-विरार शहर महानगरपालिका की स्वास्थ्य समिति की बुधवार को हुई बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भाजपा पार्षदों ने बैठक से वॉकआउट कर दिया। भाजपा पार्षदों ने बैठक की विषय सूची यानी एजेंडा तैयार करने और जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे नियमबाह्य तरीके से जारी किए जाने का आरोप लगाया।
एजेंडा पर आवश्यक मंजूरी और हस्ताक्षर नहीं होने का दावा
भाजपा की ओर से दावा किया गया कि बैठक की विषयपत्रिका पर सक्षम अधिकारियों की आवश्यक मंजूरी और हस्ताक्षर मौजूद नहीं हैं। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा पार्षदों ने हक्कभंग का प्रस्ताव भी पेश किया।
पार्षदों का कहना था कि समिति की बैठक से पहले सदस्यों को चर्चा में शामिल सभी विषयों की पूरी जानकारी, आवश्यक दस्तावेज और विषयों का गोषवारा उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि वे संबंधित मुद्दों पर उचित तरीके से चर्चा कर सकें।
दस्तावेज उपलब्ध होने तक बैठक स्थगित करने की मांग
भाजपा पार्षदों ने मांग की कि जब तक सभी आवश्यक कागजात और संबंधित दस्तावेज समिति के सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक बैठक को स्थगित किया जाए।
हालांकि, उनकी मांग पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद भाजपा पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए सभात्याग कर दिया।
सभापति निलेश देशमुख ने आरोपों को किया खारिज
वहीं स्वास्थ्य समिति के सभापति निलेश देशमुख ने भाजपा पार्षदों के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि एजेंडा तैयार करते समय सभी निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।
सभापति ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करने के बजाय राजनीतिक विरोध को प्राथमिकता दे रहा है।
बैठक में दिखा राजनीतिक टकराव
एजेंडा प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के कारण स्वास्थ्य समिति की बैठक में भाजपा पार्षदों और समिति के पदाधिकारियों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला। एक ओर भाजपा पार्षदों ने एजेंडा प्रक्रिया की वैधता और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए, वहीं समिति के सभापति ने प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता से इनकार किया।



