वसई-विरार। आगामी मानसून को देखते हुए वसई-विरार महानगरपालिका ने बरसात में फैलने वाली बीमारियों से निपटने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। तृप्ति प्रमाण राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक को मिली जानकारी के अनुसार, महानगरपालिका मुख्यालय, विरार में आयोजित मानसून पूर्व समीक्षा बैठक में महापौर अजीव पाटिल ने कहा कि डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए निजी डॉक्टरों और महानगरपालिका प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय होना बहुत जरूरी है।
निजी अस्पताल तत्काल देंगे मरीजों की जानकारी
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बरसात के दौरान संक्रामक रोगों के मरीजों की जानकारी निजी अस्पताल और क्लीनिक तुरंत महानगरपालिका स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएंगे। महापौर के अनुसार, इससे प्रभावित इलाकों में समय रहते फॉगिंग, दवा छिड़काव और अन्य रोकथाम के उपाय किए जा सकेंगे। आयुक्त के मार्गदर्शन और महापौर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन वसई-विरार शाखा तथा नालासोपारा और नायगांव क्षेत्र के विभिन्न डॉक्टर संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
आपातकालीन स्थिति में चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी स्वास्थ्य सेवा
बैठक में किसी भी आपातकालीन या बाढ़ जैसी स्थिति में नागरिकों को चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महानगरपालिका और निजी स्वास्थ्य क्षेत्र मिलकर प्रभावी तरीके से काम करेंगे।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में सभागृह नेता प्रफुल्ल साने, स्वास्थ्य सभापति निलेश देशमुख, स्वास्थ्य उपसभापति निशाद चोरघे, अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत, उपायुक्त (वैद्यकीय) स्वातो देशपांडे, वैद्यकीय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भक्ति चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महानगरपालिका की ओर से मानसून पूर्व तैयारियों का सिलसिला जारी है।