विरार (तृप्ति प्रमाण ब्यूरो): वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में खस्ताहाल सड़कों, खतरनाक गड्ढों, मानसून के जलभराव और पीने के पानी की किल्लत से आम जनता की परेशानियाँ चरम पर पहुँच गई हैं। नागरिक समस्याओं के इस अंबार को लेकर प्रभाग क्रमांक 15 (ब) की नगरसेविका रितु सचिन चौबे ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVMC) आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर जनहित के इन मुद्दों पर तुरंत धरातलीय कार्रवाई करने की मांग की है।
लाखों के बजट के बाद भी सड़कों की दुर्दशा, ठेकेदारों पर उठे सवाल
आयुक्त को दिए पत्र में नगरसेविका ने ज़ोर देकर कहा कि शहर की मुख्य सड़कों से लेकर आंतरिक रास्तों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। मानसून आगमन से ठीक पहले सड़कों के रखरखाव और पैचवर्क के नाम पर भारी-भरकम सरकारी राशि खर्च की गई थी। इसके बावजूद पहली बारिश में ही डामर बह गया और सड़कें फिर से गड्ढों में तब्दील हो गईं। इस स्थिति ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और संबंधित ठेकेदारों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
गुणवत्तापूर्ण मरम्मत और दोषी ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग
रितु चौबे ने नगर निगम प्रशासन से पूरे वसई-विरार क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों का तत्काल सर्वे कराने और टिकाऊ व मानक सामग्री से मरम्मत कराने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी माँग रखी कि घटिया निर्माण कार्य करने वाली कंपनियों, ठेकेदारों और इसमें लापरवाही बरतने वाले निकाय अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएं।
नालासोपारा में स्कायवॉक निर्माण का प्रस्ताव
क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु उन्होंने नालासोपारा पूर्व रेलवे स्टेशन से लेकर प्रसिद्ध कालीमाता मंदिर तक एक नए स्कायवॉक निर्माण की योजना मंजूर करने का प्रस्ताव दिया। रोजाना इस व्यस्त मार्ग से हज़ारों लोग आवागमन करते हैं। बरसात के दिनों में जलजमाव होने के कारण दैनिक यात्रियों, स्कूली छात्रों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को आवाजाही में भारी असुविधा झेलनी पड़ती है।
“प्रशासन केवल कागजी दावों तक सीमित न रहे। वार्ड क्रमांक 15 के प्रभावित इलाकों का वरिष्ठ अधिकारी खुद दौरा करें, ताकि ज़मीनी हकीकत देखकर आम जनता को जल्द से जल्द राहत पहुँचाई जा सके।” — रितु सचिन चौबे, नगरसेविका (प्रभाग 15 ब)