विरार

विरार: अमराठी ऑटो चालकों के लिए अनूठी पहल, ‘मराठी संवाद पाठ्यक्रम’ के तहत 250 चालकों को दी गई ट्रेनिंग |

विरार। महाराष्ट्र में गैर-मराठी भाषी ऑटो रिक्शा चालकों को स्थानीय भाषा से जोड़ने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र सरकार के परिवहन विभाग, राज्य मराठी विकास संस्था, कोकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के संयुक्त तत्वावधान में “महाराष्ट्र माझा, मराठी माझी संवाद भाषा पाठ्यक्रम” अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विरार शहर में ‘आपुलकी फाउंडेशन’ और ‘पी.एस. कोचिंग क्लासेस’ के माध्यम से अमराठी ऑटो चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पूर्वा जाधव के नेतृत्व में चल रहा ट्रेनिंग अभियान

विरार के मनवेलपाड़ा और विरार शहर शाखा में चलाए जा रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की कमान पी.एस. कोचिंग क्लासेस की पूर्वा उदय अरुण जाधव संभाल रही हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन में इस विशेष पहल के माध्यम से अब तक लगभग 250 अमराठी ऑटो चालकों को मराठी में सहजता से बातचीत करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

दैनिक बोलचाल की मराठी पर दिया जा रहा जोर

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गैर-मराठी ऑटो चालकों को स्थानीय यात्रियों के साथ आसानी से संवाद करने में सक्षम बनाना है। इसके तहत चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में इस्तेमाल होने वाले मराठी शब्द, सामान्य वाक्य और यात्रियों से शिष्टाचार पूर्वक बात करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं।

आपसी सौहार्द बढ़ाने का सकारात्मक प्रयास

आपुलकी फाउंडेशन (महाराष्ट्र) के अध्यक्ष उदय अरुण जाधव ने बताया कि महाराष्ट्र में रहने वाले विभिन्न भाषाई समुदायों के बीच आपसी समझ, संवाद और जुड़ाव बढ़ाने की दिशा में यह अभियान बेहद कारगर साबित हो रहा है।

(न्यूज़ पोर्टल: तृप्ति प्रमाण)

Sanjay Jaiswal

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